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बैंक खाते में पेंशन बनी बुजुर्गों की टेंशन

6 वर्ष पहले
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वृद्धावस्थासम्मान पेंशन और भत्ते लाभार्थियों के बैंक खातों में डालने की योजना के तहत खाते खुलने की आस लेकर आए बुजुर्गों को मायूस होकर लौटना पड़ा। पहले दिन कई वार्डों में खाते खोलने के लिए बैंक कर्मचारी नहीं पहुंचे। कुछ जगह बैंक कर्मियों ने खाते खोलने के लिए लाभार्थियों द्वारा लाए गए दस्तावेज नहीं लिए। सिर्फ लाभार्थियों के नाम और टेलीफोन नंबर नोट कर लिए और कहा कि लाभार्थियों को एक-एक कर बैंक में बुलाया जाएगा।

बुजुर्गों को खाते खुलवाने के अलावा पेंशन वितरण भी एक साथ होना था। इस कारण से पेंशन वितरण केंद्रों पर हंगामे की स्थिति रही। बुजुर्गों की सहायता के लिए अनेक पेंशन वितरण केंद्रों पर बैंकों ने अपने कर्मचारी नहीं भेजे। समाज कल्याण विभाग ने पेंशन लाभार्थियों के बैंक खाते खोलने के लिए वार्ड वाइज बैंकों की ड्यूटी लगाई है। विभाग की तरफ से संबंधित बैंकों को पेंशन वितरण केंद्रों पर जाकर खाते खोलने हैं। परंतु पहले दिन कुछ पेंशन केंद्रों पर ही बैंक कर्मी खाते खोलते नजर आए।

कुछ केंद्रों पर बैंक कर्मचारी पहुंचे, लेकिन खाते नहीं खोले। बुजुर्गों को बैंकों की तरफ से कहा गया कि खाते कल से खोले जाएंगे। इस कारण से बुजुर्गों को बिना खाता खुले ही मायूस होकर वापिस जाना पड़ा। इस बारे में मांगेराम ने बताया कि खाते के लिए कागज लेकर आए हैं, लेकिन इन्हें स्वीकार नहीं किया गया है। हमें बताने को कोई तैयार नहीं। जगदीश चंद्र का कहना है कि एक साथ दो-दो टेंशन हो गई हैं। एक पेंशन लेने की,दूसरा खाता खुलवाने की। कोई मदद नहीं कर रहा। बिमला देवी, पुष्पा देवी ने बताया कि तीन घंटे से कतार में लगी हूं। खाता खोलने को कोई कागजात लेने या कुछ बताने को नहीं रहा है। बैंक खाते खोलने की योजना बुजुर्गों को परेशान करने वाली है। सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।

2012में भी खुले थे खाते

पेंशनकी राशि बैंकों में जमा कराने के लिए विभाग ने 2012 में भी बुजुर्गों के बैंकों में खाते खोले थे। उस समय भी बुजुर्गों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा था। कुछ समय बाद उस योजना को बंद कर दिया गया था।

मुलतान कालोनी के सामुदायिक केंद्र के सामने संख्या में बुजुर्ग अपने पासपोर्ट साइज फोटो और रिहायशी पहचान पत्र लेकर पहुंचे, लेकिन किसी ने इन्हें नहीं लिया। बुजुर्ग इस पर नाराज हो गए और उन्होंने विरोध जताना शुरू कर दिया। पार्षद प्रतिनिधि बिट्टू खुराना ने किसी तरह बुजुर्गों को शांत किया और कहा कि उनके बैंक खाते गुरुवार से खोले जाएंगे। बैंक कर्मचारी गुरुवार को यहां आकर बुजुर्गों के खाते खोलने के आवेदन और दस्तावेज स्वीकार करेंगे।

वार्ड दो में भी खातों पर हंगामा

नगरपार्षद महेश उर्फ टोनी भाटिया ने आरोप लगाया कि उनकी इलाके में पेंशन वितरण के दौरान खाते खोलने के लिए दस्तावेज लेने की बारी आई तो बैंक कर्मचारी ने कहा कि सभी बुजुर्गों को पहले एक-एक हजार रुपए खाते खुलवाने को जमा कराने होंगे। यह राशि बुजुर्गों के खाते में जमा की जाएगी। भाटिया ने कहा कि सरकार ने योजना के तहत खाते जीरो बैंलेंस से खोलने की बात कही है।

पंचायती धर्मशाला में लिए नाम

वैश्वपंचायती धर्मशाला में बैंक कर्मचारी ने बुजुर्गों के दस्तावेज और फोटो नहीं लिए। बैंक कर्मी ने सिर्फ लाभार्थियों के नाम और टेलीफोन नंबर डायरी में लिखे। इलाके के पार्षद अनिल बंसल के अनुसार बैंक कर्मचारी ने कहा कि सभी लाभार्थियों को टेलीफोन कर बैंक में बुलाकर खाते खोले जाएंगे। बंसल ने इसे बुजुर्गों से मजाक बताया।

मुलतान नगर कॉलोनी में पेंशन वितरण के दौरान बैंक खाते खोलने को लेकर बुजुर्गों को समझाते पार्षद प्रतिनिधि बिट्टू खुराना।

दिल्ली गेट के समीप पंचायती धर्मशाला में खाते खोलने को बुजुर्ग का अंगूठा लगवाता बैक कर्मी।