किशोरी का डेढ़ साल से हो रहा था यौन शोषण
डीएनए टेस्ट से तय होगा बच्चा किसका
एडवोकेट विनीता परोचा के मुताबिक किशोरी के गर्भस्थ शिशु के डीएनए टेस्ट से तय होगा कि बच्चा किस आरोपित का है। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार अधर्मज बच्चे को भी पिता की संपत्ति में हिस्सा पाने का हक है। साथ ही उसके भरण पोषण की जिम्मेदारी भी उस पर वैसी ही होगी जैसी धर्मज संतानों की है। लेकिन दिक्कत यह है कि बलात्कार के आरोप में वह जेल में होगा
लीगल एडवाइजर विनीता परोचा ने कहा कि पीड़ित युवती के भविष्य को लेकर पूरी तरह अनिश्चितता बनी है। नाबालिग और छह महीने की गर्भवती होने के कारण कानूनी तौर पर उसे गर्भपात की अनुमति नहीं मिल सकती। ऐसे मामलों में कई बार आरोपी से पीड़िता की शादी का रास्ता निकाला जाता है, लेकिन इस मामले में यह भी संभव नहीं, क्योंकि लड़की की उम्र अभी काफी कम है और आरोपियों की संख्या अधिक है।
{ जगरातों में झांकियां निकालने वालों की करतूत, एक युवती भी सािजश में शािमल।
भास्करन्यूज | हांसी
धार्मिकआयोजनों में काम दिलवाने के बहाने दो युवक एक किशोरी का डेढ़ साल तक यौन शोषण करते रहे। ये दोनों युवक खुद तो उसका शोषण करते ही उसे अन्य युवकों के पास भी भेजते। वह चाहती तो नहीं थी, लेकिन काम मिलता रहे, इसलिए उनकी बात मानती रही। शनिवार सुबह अचानक उसे चक्कर आया तो मां उसको लेकर डॉक्टर के पास पहुंची। डॉक्टर ने चेक करने के बाद बताया कि वह छह महीने के गर्भ से है तो रोने लगी। मां के तो होश ही उड़ गए। वह किशोरी को लेकर सीधे थाने पहुंची। सारी जानकारी दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपित युवकों को हिरासत में ले लिया। छानबीन में यह बात भी सामने आई कि इस साजिश में एक युवती भी शामिल है, जो आरोपित युवकों की मदद करती थी।
किशोरी के बयान के मुताबिक वह करीब डेढ़ साल पहले जगरातों में काम करने वाले दो युवकों डीके दीवान गोलू के संपर्क में आई। दोनों जगरातों के लिए झांकियां तैयार करते हैं और निकालते हैं। उसने दोनों से खुद को काम दिलाने की गुजारिश की। दोनों युवक इसके लिए तैयार हो गए। काम भी दिलाया, पर बदले में उसका यौन शोषण करने लगे। हालांकि दोनों उसे काम दिलाते रहे, पर यौन शोषण की बात किसी को बताने पर उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी देते रहे, जिस कारण वह चुप्पी साधे रही।
उसने बताया कि आरोपी उत्तम नगर काॅलोनी के रहने व