प्राचीन, समृद्ध और महान भाषा है हिंदी
{हिंदी दिवस पर विभिन्न आयोजन हुए।
भास्करन्यूज | हांसी
हिंदीदिवस पर विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें विद्यार्थियों को हिंदी की उपयोगिता और महत्व की जानकारी दी गई। इनमें बताया कि गया कि विश्व की प्राचीन, समृद्ध तथा महान भाषा होने के साथ ही हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा भी है। हमें इसके प्रति अपना प्रेम और सम्मान प्रकट करना चाहिए।
बाबा बंदा बहादुर पब्लिक स्कूल में प्राचार्य राजेश कंसल ने संबोधन में कहा कि आधुनिकता की होड़ में हम हिंदी के महत्व को भूलते जा रहे हैं। जिस प्रकार हम सब भारतीयों के मन में अपने देश, राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान के प्रति सम्मान की भावना हैं, उसी प्रकार हमारे ह्रदय में हिंदी के प्रति भी सम्मान की भावना होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदी विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं में एक है और एक समर्थ भाषा है। उन्होंने कहा कि स्पर्धा के मौजूदा युग में बेशक अन्य भाषाओं को प्रयोग किया जा सकता है, लेकिन हिंदी को भूलना उचित नहीं।
सुभाष तायल स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में प्राचार्य विजया शर्मा ने कहा कि हमें अंग्रेजी बोलने की छूट होनी चाहिए, लेकिन अपनी मातृभाषा को भूलकर उसे अपने ही देश में विदेशी भाषा बनाया जाए। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा अनेक बोलियों का समन्वय होने पर भी अपने स्वरूप को बनाए हुए है। कहा गया कि हिंदी भले ही भारत की सीमाओं को तोड़कर विदेशों में भी अपनी पहुंच बना चुकी है, पर भावी पीढ़ी को आगे बढ़कर एकजुट होकर इसे अंतरराष्ट्रीय भाषा की मंजिल तक पहुंचाना होगा। इससे इसका सम्मान और बढ़ेगा।