पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • 22 कालोनियाें को नियमित करने की मंजूरी

22 कालोनियाें को नियमित करने की मंजूरी

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
शहरकी 22 काॅलोनियों पर अवैध होने का ठप्पा हटने जा रहा है। नगर परिषद प्रशासन ने विशेष सर्वे कर इन 22 कालोनियों को कानूनी मान्यता देने का फैसला किया है। प्रक्रिया शुरू हो गई है और जल्द ही इन कालोनियों को परिषद के दायरे में शामिल कर लिया जाएगा। इन कालोनियों के नियमित होते ही इनमें रहने वाले लोगों को नियमित कालोनियों की तरह सुविधाएं मिलने लगेंगी।

परिषद के सूत्रों ने बताया कि शहर में अवैध कालोनियों की वास्तविक संख्या का पता लगाने के लिए फरवरी में एक नोटिफिकेशन जारी किया गया था। परिषद प्रशासन ने इस पर अपने स्तर पर पूरे शहर में सर्वे कराया। सर्वे में पाया गया कि शहर में 22 ऐसे रिहायशी क्षेत्र हैं, जिन्हें अवैध कालोनियों के रूप में गिना जाता है। परिषद ने अपनी सर्वे रिपोर्ट स्थानीय निकाय विभाग के समक्ष प्रस्तुत की। विभाग ने परिषद से इस बारे में जानकारी मांगी कि क्या यह कालोनियों नियमित होने के मानदंड पूरे करती हैं।

सूत्रों के अनुसार परिषद प्रशासन ने विभाग के आला अधिकारियों को बताया कि इनमें से अधिकांश कालोनियों में 50 प्रतिशत से अधिक तक का निर्माण हो चुका है। कालोनियां बेशक परिषद के नक्शे में नहीं हैं, लेकिन इनमें रहने वाले बाशिंदों को सरकारी स्तर पर मिलने वाली बिजली और पेयजल कनेक्शन जैसी सुविधाएं प्रदान की जा चुकी हैं। अधिकारियों ने इसके बाद कालोनियों को नियमित करने को हरी झंडी प्रदान कर दी। इसके बाद परिषद प्रशासन ने इन्हें वैध करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है।

यह होगा इससे फायदा

वैध काॅलोनियों में निवास करने वाले लोगों को अब घरों और दुकानों के निर्माण के लिए नगर परिषद से नक्शा पास होने की सुविधा मिल जाएगी। यही नहीं, कालोनियों के परिषद के नक्शे में शामिल होने से इन्हें विकास के मामले में भी बराबर का अनुदान मिलेगा। दूसरी और परिषद को भी इससे फायदा मिलेगा। कालोनियां वैध होने से हाउस टैक्स अन्य तरह के करों के रूप में उसकी आय में बढ़ोतरी होगी।

पचास हो जाएंगी वैध काॅलोनियां

22नई कालोनियों के वैध होते ही शहर में नियमित काॅलोनी की संख्या बढ़कर 50 हो जाएगी। शहर में फिलहाल 28 कालोनियां ही वैध हैं। शहर के पाश इलाके यति नगर माडल टाउन की स्थापना नगर सुधार मंडल ने की थी, लेकिन यह दोनों इलाके अब परिषद के दायरे में चुके हैं।

मिल गई है अनुमति: सेक्रेटरी

बाइसकालोनियों को