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ट्रेन आने पर ही खुलते हैं शौचालय

7 वर्ष पहले
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अगरआप रेलवे स्टेशन पर हैं और आपको शौचालय की दरकार है तो आपको किसी ट्रेन के आने तक प्रतीक्षा करनी पड़ेगी। यह व्यवस्था रेलवे ने नहीं, बल्कि स्टेशन के अधिकारियों ने दी है। उनका मानना है कि हर समय शौचालय खुले रखने से लोग इन्हें गंदा कर देते हैं। सो, उन्होंने शौचालयों को साफ रखने का नया तरीका ईजाद किया है। इन्हें किसी ट्रेन के आने पर ही खोला जाए। बाकी समय इन पर ताले लटके रहेंगे।

शहर के रेलवे स्टेशन पर रोजाना ढाई हजार से अधिक लोगों का आना-जाना होता है। इन लोगों में यात्री, उन्हें रिसीव करने और छोड़ने वाले तथा माल बुकिंग कराने वाले शामिल हैं। स्टेशन पर पूरे दिन लोगों का जमावड़ा रहता है, लेकिन रेलवे प्रशासन ने उनकी सुविधा के लिए शौचालय खुले रखने की जहमत तक नहीं उठा रहा है।

शौचालय बंद रहने से लोगों को मजबूरन इधर-उधर खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी महिला यात्रियों को होती है। मगर रेलवे अधिकारी अनजान बने पूरी तरह से चुप हैं।

खोल दिए जाते हैं: एसएम

^शौचालयहमेशा बंद नहीं रहते। ट्रेन के आते ही इन्हें खोल दिया जाता है। कर्मचारियों की कमी है, इस कारण से हमें ऐसी व्यवस्था करनी पड़ रही है। जीकेगुप्ता, स्टेशनमास्टर

गंभीर समस्या है : प्रधान

^हमजब एतराज करते हैं तो हमें बताया जाताा है कि सफाई कर्मचारियों के अभाव में शौचालयों को खुला नहीं रखा जाता। रेलवे को इसके लिए प्रबंध करने होंगे। बलदेवआनंद, प्रधानदैनिक यात्री संघ

यात्रियों की मांग पर डेढ़ साल पहले बने थे

करीबडेढ़ साल पहले तक स्टेशन पर बड़े शौचालय नहीं थे। दैनिक रेल यात्री संघ ने समय-समय पर निरीक्षण के लिए यहां आए मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों से बार-बार गुहार कर शौचालयों का निर्माण कराया। शौचालय बनवा दिए गए और कुछ समय तक यात्रियों के लिए खुले रहे, लेकिन अचानक इन्हें बंद कर दिया गया। अब स्थिति यह है कि शौचालयों पर ताले लटके रहते हैं। कभी-कभार ही इन्हें खुले देखा जाता है।

रेलवे स्टेशन पर पुरुष और महिला शौचालय पर लटके ताले।