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चालक की मौत का सदमा नहीं सह सके चेयरमैन

7 वर्ष पहले
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कुछलोग इतने संवेदनशील होते हैं कि दूसरों का दुख नहीं देख पाते हैं। गुरु तेग बहादर सीनियर सेकंडरी स्कूल के चेयरमैन दर्शन सिंह ऐसे ही लोगों में थे। अपने स्कूल की बस चालक की मौत पर परिवार वालों का करुण विलाप देख सरदार दर्शन सिंह को गहरा सदमा लगा। करीब दो घंटे बाद दिल का दौरा पड़ने से उनका भी निधन हो गया।

हुआ यह कि गुरु तेग बहादुर सीनियर सेकंडरी स्कूल का बस चालक 25 वर्षीय नंद लाल स्कूटी पर किसी काम से लघु सचिवालय जा रहा था। इस दौरान सामने से तेज गति से रहे एक ट्रक ने उसे कुचल दिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की जानकारी मिलते ही स्कूल के चेयरमैन 75 वर्षीय सरदार दर्शन सिंह भी अस्पताल पहुंच गए। नंदलाल चार बहनों का इकलौता भाई था। उसकी अभी शादी भी नहीं हुई थी। अस्पताल में सिंह ने उनकी बहनों को बिलखते देखा तो भावुक हो गए। वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह से उन्हें संभाला और घर पहुंचाया।

परिजनोंके लिए चिंतित हुए

घरपर उन्होंने प|ी कुलवंत कौर से हादसे को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि नंद लाल के परिवार से अनहोनी हुई है। वह चाहते हैं कि स्कूल की तरफ से उसके परिवार की हर संभव मदद की जाए। उन्होंने प|ी से जानना चाहा कि पीड़ित परिवार की किस तरह से मदद की जाए। वह इतना बोल पाए थे कि अचानक उनके सीने में तेज दर्द हुआ। परिजनों ने उन्हें तत्काल चिकित्सीय मदद उपलब्ध कराई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन की सूचना जैसे ही स्कूल पहुंची, पहले से चालक की मौत से आहत स्कूल स्टाफ को एक और झटका लगा।

गुरु तेग बहादुर स्कूल के चालक की मौत पर बिलखती बहन।

दर्शन सिंह

चेयरमैन सरदार दर्शन सिंह दिन में पूरी तरह से स्कूल में व्यस्त रहे। उन्होंने शिक्षक-शिक्षिकाओं को वेतन वितरित किया। बस चालक नंद लाल को भी हादसे से कुछ ही समय पहले वेतन मिला था। स्कूल के ड्राइंग टीचर मनदीप पाल सिंह ने बताया कि चेयरमैन सरदार दर्शन सिंह स्कूल के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और कर्मचारियों से परिवार के सदस्यों की तरह पेश आते थे। वह अक्सर कहते थे कि स्कूल बन गया है। आप सभी काम करते रहिए, गुरु तेग बहादुर जी के आशीर्वाद की बदौलत इसे एक दिन हम शहर का नंबर वन स्कूल बना देंगे।

सरदार दर्शन सिंह ने अपनी जमीन पर 2012 में स्कूल का निर्माण कराया और इसे दशमेश एजुकेशन सोसायटी के सुपुर्द कर दिया। स्कूल करीब ढाई एकड़ म