डिफाल्टराें को नहीं मिलेगी और बिजली
बिजलीनिगम बिलों का भुगतान करने वाले लोगों को अब और बिजली नहीं देने वाला है। निगम बिलों को लेकर उपभोक्ताओं को श्रेणियों में बांटेगा। बिलों को भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को जहां बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, वहीं डिफाल्टर उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जाएंगे।
पहले चरण में शहर में दुकानों के कनेक्शन काटने का अभियान तेज कर दिया गया है। अगले चरण में 25 दिसंबर से घरेलू कनेक्शनों पर निगम का चाबुक चलेगा। दरअसल, निगम प्रशासन ने बिलों का भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं पर सख्ती करते हुए पैदा दो, बिजली लो नीति बनाई है। इस नीति के चलते डिफाल्टर उपभोक्ताओं से निपटने के लिए सख्ती करने का फैसला किया गया है। निगम ने अपनी इस नीति के चलते उन उपभोक्ताओं की सूची तैयार की है, जो बिलों का भुगतान रोके बैठे हैं। शहर में ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या 4350 है। इनमें करीब साढ़े तीन सौ दुकानदार और बाकी घरेलू उपभोक्ता हैं।
25से काटेंगे कनेक्शन
बिलोंका भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने का फैसला किया गया है। कनेक्शन काटने से पहले उन्हें किसी तरह का नोटिस नहीं दिया जाएगा। डिफाल्टर उपभोक्ताओं की सूचियां तैयार कर कार्रवाई के लिए कनिष्ठ अभियंताओं को सौंप दी गई हैं। शुरुआत दुकानदारों से की गई है। घरेलू उपभोक्ताओं को 25 दिसंबर का समय मिलेगा। उनके खिलाफ कार्रवाई दुकानदारों के कनेक्शन काटने के बाद 25 दिसंबर के बाद शुरू की जाएगी।
छहमहीने तक नजर
डिफाल्टरउपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने के बाद निगम की तरफ से संबंधित उपभोक्ता पर नजर रखी जाएगी। कर्मचारी यह जानेंगे कि कनेक्शन कटने के बाद डिफाल्टर उपभोक्ता कहां से बिजली आपूर्ति ले रहा है। अगर वह बिना बिजली के गुजर कर रहा है तो निगम कोई कार्रवाई नहीं करेगा। अगर किसी और स्त्रोत से बिजली ली जाएगी तो निगम प्रशासन की तरफ से उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह पुलिस में मामला दर्ज कराने की भी हो सकती है।
दो करोड़ रुपए बकाया
निगम के उपमंडल अधिकारी सुरेंद्र बुद्धिराजा ने बताया कि शहर में डिफाल्टर बिजली उपभोक्ताओं की तरफ दो करोड़ से अधिक की राशि बकाया है। निगम की नई नीति और एमडी के रुख के चलते डिफाल्टर उपभोक्ताओं के साथ अब और नर्मी बरती जाएगी। जिस उपभोक्ता ने ड्यू डेट के एक सप्ताह बाद तक बिल का भुगतान नहीं किया, उसे डिफाल्टर की श्रेणी में शामिल कर दिया जा