किसान महापंचायत का अल्टीमेटम
स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू करने की मांग
भारतीयकिसान यूनियन की प्रदेश इकाई ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने के लिए भाजपा सरकार को अल्टीमेटम दिया है। सरकार ने तय अवधि तक रिपोर्ट को लागू नहीं किया तो पांच मार्च को पिपली में विभिन्न किसान संगठनों की विशाल महापंचायत का आयोजन कर सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई शुरू कर दी जाएगी।
यह फैसला रविवार को खरड़ में आयोजित किसानों की महापंचायत में किया गया। महापंचायत की अध्यक्षता खरड़ अलीपुर के सरपंच चांदी राम ने की। इसमें बारह से अधिक गांवों के किसानों और किसान प्रतिनिधियों ने भाग लिया। महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरुनाम सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। गुरुनाम सिंह ने कहा कि भाजपा ने चुनाव से पूर्व किसान नेताओं को लिखित में यह आश्वासन दिया था कि देश में भाजपा की सरकार बनते ही सबसे पहले किसानों के हितों की रक्षा करने वाली स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया जाएगा। परंतु आज छह महीने से भी अधिक समय गुजर जाने के बाद भी केंद्र सरकार ने आयोग की रिपोर्ट को लागू नहीं किया है।
किसान नेता सुरेश कोथ ने महापंचायत में लिए गए फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि अगर सरकार ने मार्च से पहले स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू नहीं किया तो पांच मार्च को पिपली में विभिन्न किसान संगठनों की विशाल महापंचायत करेंंगे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने जल्द ही आवारा पशुओं पर नियंत्रण करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए तो किसान गांव खेतों से सभी आवारा पशुओं को पकड़ कर उपायुक्त कार्यालय में ले जाकर छोड़ देंगे।
किसान संघर्ष समिति के जिला प्रधान जोगिंद्र सिंह मय्यड़, सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान बिजेंद्र मलिक ने सरकार से प्रदेश में लगी पशु मेलों पर रोक को हटाने की मांग की है। इस अवसर पर धर्मपाल छौत के अलावा कृष्ण किरमारा, जल सांझा संघर्ष समिति के प्रधान विक्रम सिंह बुड़ाक, सचिव रमेश बैनीवाल, धर्मपाल धारीवाल, रामभगत मलिक, दलजीत पंघाल, महेंद्र पूनिया, दिलबाग मलिक, कृष्ण किरमारा, कुलदीप सिंह, महेंद्र सिंह, डा. सुरेश पंघाल, प्रधान अमीसिंह बिठमड़ा, दिलबाग देपल, रणसिंह, बाली भाटोल, कुलदीप नाड़ा मौजूद रहे।
खरड़ में आयोजित किसान महापंचायत में मौजूद भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरुनाम सिंह अन्य किसान नेता।