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नगर परिषद ने बिजली बिल नहीं भरा शहर में फिर हो सकता है अंधेरा
नगरपरिषद द्वारा स्ट्रीट लाइटों का बकाया बिल बिजली निगम के 48 घंटे के अल्टीमेटम के बाद भी नहीं भरा गया है। नगर परिषद द्वारा मांगी गई अवधि से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी बिल नहीं भरे जाने से निगम कभी भी शहर की स्ट्रीट लाइटों के कनेक्शनों को काटने की कार्रवाई कर सकता है।
गौरतलब है कि शहर में लगी नगर परिषद की स्ट्रीट लाइटों का 36 लाख का बिल बकाया है। कई बार नोटिस नहीं देने के बाद भी नगर परिषद ने बिल का भुगतान नहीं किया। इस पर बिजली निगम ने तीन फरवरी को शहर के अधिकांश इलाकों की स्ट्रीट लाइटों के कनेक्शनों को काट दिया था। इस कारण पूरा शहर शाम होते ही अंधेरा छा गया था। उस समय नगर परिषद प्रधान प्रतिनिधि ने बिजली निगम के अधिकारियों को तीन दिनों में बकाया बिलों के भुगतान करने का आश्वासन दिया था। परन्तु एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी नगर परिषद के द्वारा बकाया बिलों को भुगतान नहीं किया गया है। बिल नहीं भरने से शहर में लगी करीब 3500 स्ट्रीट लाइटों के तारों को कभी भी काट सकता है। अगर निगम ने इनके कनेक्शनों को काटा तो पूरा शहर एक बार फिर अंधेरे में डूब जाएगा।
राशि कम होने पर लौटा दिए
^सूत्रोंके अनुसार नगर परिषद की स्ट्रीट लाइटों के बकाया बिल की राशि करीब 36 लाख है। जबकि नगर परिषद ने एक हफ्ते में केवल पांच लाख रुपये ही जुटा पाया है। सूत्रों ने बताया कि निगम के कर्मी इस राशि के भुगतान के लिए बिजली निगम के अधिकारियों के पास गए थे। परन्तु उन्होंने राशि अपर्याप्त बताते हुए स्वीकार करने से इंकार कर दिया।
एसडीओ है छुट्टी पर आते ही होगी कार्रवाई
^निगमके एसडीओ सुरेंद्र बुद्धिराजा ट्रेनिंग पर गए हुए है। इस कारण से स्ट्रीट लाइटों के बिल नहीं भरने पर कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा सकी। एक दो दिनों में वह ट्रेनिंग से वापिस आने वाले है। अगर नगर परिषद ने एक दो दिनों में बिजली बिलों का भुगतान नहीं किया तो इनके कनेक्शनों को काटा जाएगा। निगम और ज्यादा भार नहीं सहन कर सकता।\\\'\\\' केडीबंसल, कार्यकारी अभियंता
कभी भी बंद हो सकती है रात में रोशन ये स्ट्रीट लाइटें।