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वर्ल्ड डी-वर्मिंग-डे पर बच्चों को एल्बेंडाजोल खिलाई गई

5 वर्ष पहले
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वर्ल्डडी-वर्मिंग-डे पर हांसी प्रथम और हांसी द्वितीय के लगभग 40828 बच्चों को एल्बेंडाजोल दवा खिलाई गई। इस दवा का मुख्य उद्देश्य शून्य से 19 वर्ष के बच्चों में पेट के अंदर के कीटाणुओं को नष्ट करना है। बच्चों के मिट्टी खाने,नंगे पैर चलने और बिना धुली सब्जियों के सेवन से पेट में कीटाणु फैलते हैं। जिन्हें नष्ट करने के लिए एल्बेंडाजोल नामक दवा का इस्तेमाल किया जाता है। बच्चों को इस दवा की खुराक देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पहले से तैयारियां की हुई थीं। इसके लिए दो दिन 10 और 15 फरवरी निर्धारित किए गए थे। हांसी प्रथम के स्कूल हेल्थ इंचार्ज डॉक्टर संदीप बूरा ने बताया कि बच्चों को एल्बेंडाजोल दवा की 400 एमजी की गोली खिलाई जाती है। जिसमें शून्य से दो वर्ष के बच्चो को इस गोली की आधी और दो से 19 वर्ष के बच्चों को पूरी खुराक दी जाती है। यह दवा हांसी प्रथम और हांसी द्वितीय के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों और सभी प्राइवेट सरकारी स्कूलों में जाकर खिलाई गई है। अभियान में जो बच्चे दवा की खुराक नहीं ले सके। उन्हें 15 फरवरी को अगले चरण में दवा खिलाई जाएगी।

पशुओं को खिलाई बैनमिंथ दवा की खुराक

हांसी | वर्ल्डडी-वर्मिंग-डे के दिन बच्चों के साथ-साथ शहर के पशु पालन विभाग ने गायों,बछड़ों और अन्य पशुओं के पेट के कीड़ों को मारने के लिए बैनमिंथ नामक दवा की खुराक दी। पशुपालन विभाग के वीएलडीए महेंद्र सिंह ने बताया कि बैंनमिंथ दवा टीके और गोली दोनों ही स्वरूप उपलब्ध हैं। इसमें पशुओं को 100 एमएल का टीका और 150 एमजी की गोली की खुराक दी जा सकती है। उन्होंने बताया कि इस दौरान 400 गायों और 150 बछड़ों को बैनमिंथ की खुराक दी गई। यह दवा हर छह मांह में देनी चाहिए। इस दौरान उप मण्डल अधिकारी मुनीश भयाना और पशु चिकित्सक वीके मदान भी उपस्थित थे।

हांसी प्रथम में 140 सरकारी स्कूल और 71 प्राईवेट स्कूल हैं। इसी तरह हांसी द्वितीय में 73 सरकारी और 23 प्राईवेट स्कूल हैं। इनमें हांसी प्रथम के सरकारी स्कूलों में 5827,प्राईवेट स्कूलो में 18860 और आंगनबाड़ी के 415 बच्चों और हांसी द्वितीय के सरकारी स्कूलों में लगभग 7500 बच्चों को,प्राईवेट स्कूलों में 7500 और आंगनबाड़ी में लगभग 726 बच्चों को दवा खिलाई गई है।

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