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ई-रजिस्ट्रेशन के लिए हांसी, बास और नारनौंद में हेल्प डेस्क खोले

6 वर्ष पहले
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ई-रजिस्ट्रेशनप्रणाली के तहत उपमंडल की सभी तहसीलों में हेल्प डेस्क काउंटर खोले गए हैं। इनमें ई-रजिस्ट्रेशन के बारे में प्रार्थियों की मदद के अलावा उनका मार्गदर्शन किया जाता हैं। उपमंडल में यह प्रणाली चार फरवरी से लागू हो चुकी है। अब तक कुल 414 रजिस्ट्रियां हुई हैं। तहसील हांसी में 234 तथा नारनौंद में हुई रजिस्ट्रियों की संख्या 136 है। उप तहसील बास में 44 रजिस्ट्रियां हुई हैं। योजना के तहत पांच लाख की रजिस्ट्री के लिए कोई शुल्क नहीं है। पांच लाख से पचास लाख रुपए की रजिस्ट्रेशन के लिए पांच हजार रुपए निर्धारित फीस है। पचास लाख से एक करोड़ तक के लिए दस हजार रुपए और एक करोड़ से अधिक मूल्य के लिए बीस हजार रुपए फीस निर्धारित है।

इसप्रकार किया जा रहा है काम

इसनई प्रणाली के तहत रजिस्ट्री करवाने वाले को ई-दिशा केंद्र में भूमि संबंधी दस्तावेज के साथ-साथ पहचान के दस्तावेज जमा करवाकर टोकन प्राप्त करना होता है। टोकन के लिए आवेदनकर्ता को मात्र दस रुपए फीस के रूप में जमा करवाने होते हैं। फीस के बाद आवेदनकर्ता को स्लिप उपलब्ध करवाई जाती है जिसमें फोटो, तारीख, समय और अपॉइंटमेंट नंबर अंकित होता है। सभी दस्तावेजों की रजिस्ट्री लिपिक से जांच कराई जाती है। जांच के बाद संबंधित रजिस्ट्रार, तहसीलदार, नायब तहसीलदार से स्वीकृत कराया जाता है।

^इस प्रणाली से केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, बल्कि पूर्णतया: पारदर्शिता आएगी। लाभार्थी की भी संतुष्टि होगी। प्रणाली का संपूर्ण सरलीकरण किया गया है।\\\'\\\' -योगेशमेहता, एसडीएम

लघु सचिवालय में ई-दिशा केंद्र में पहुंचे आवेदक।

हाथों हाथ देने का प्रावधान भी है

रजिस्ट्रीके सभी दस्तावेज सही हो तो उसी दिन संबंधित जमीन की रजिस्ट्री के कागजात निर्धारित फीस जमा करने के बाद उपलब्ध करा दी जाती है। बाईहैंड भी रजिस्ट्री के दस्तावेज उपलब्ध करवाने का प्रावधान है और यदि डाक से मंगवाना चाहे तो डाक से भी भेज दिए जाते हैं।