हमले के विरोध में ओपीडी बंद
जसबीरअस्पताल में हमले और तोडफ़ोड़ के विरोध में नीमा के सदस्यों ने रविवार को ओपीडी बंद रखकर विरोध जताया। संगठन के सदस्यों ने आयुष नर्सिंग होम में मीटिंग का आयोजन किया। इसमें जसबीर अस्पताल में किए गए हमले की कड़ी निंदा की गई। मीटिंग में निर्णय लिया गया था कि विरोध में रविवार को पूरे दिन नीमा सदस्य अस्पतालों की ओपीडी बंद रखेंगे।
गोसांई गेट स्थित जसबीर अस्पताल में कुछ युवकों ने पथराव करते हुए कम्पाउंडर और डिस्पेंसरी में काम करने वाले युवक पर हमला कर दिया था। शाम को आठ बजे कुछ युवक अस्पताल के पास स्मैक पी रहे थे। वहां उपस्थित लोगों ने उन्हें ऐसा करने से मना किया तो युवकों ने गाली-गलौच की। इसी दौरान एक अन्य युवक जसबीर अस्पताल के अंदर स्मैक पी रहा था। जिसे सुनील नाम के कंपाउंडर ने मना किया तो उस युवक ने उस पर हमला कर दिया और बाहर निकलकर पथराव भी किया। अस्पताल प्रशासन ने पुलिस में भी इस मामले की शिकायत दी थी। पर अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मीटिंग में नीमा के सदस्यों ने ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए रणनीति के बारे में चर्चा की। इस दौरान प्रधान डॉ. सुनील शर्मा, डॉ. राकेश भारद्वाज, डॉ. अश्वनी आर्य, डॉ. विजय यादव, डॉ. जतिन राणा, डॉ.पंकज समोता, डॉ. अजय जांगड़, डॉ. अजय यादव, डॉ. ईश आहुजा, डॉ. रामफल, डॉ. आलोक शर्मा, डॉ. महेंद्र सोनी, डॉ. जोगेंद्र रेडू, डॉ. हरीश, डॉ. जसबीर, डॉ. दिनेश यादव,,डॉ. महेंद्र यादव थे।
अस्पताल में तोड़फोड़ के विरोध में ओपीडी बंद कर बैठक करते नीमा के सदस्य।