\"संयम ही जीवन है\'
आचार्यमहाश्रमण के आज्ञानुवर्ती मुनि सुखलाल, मुनि पानमल मुनि मोहजीत आदि नौ संतों का आगमन हांसी में हुआ। दिल्ली में चातुर्मास संपन्न कर पैदल यात्रा करते हुए तेरापंथ भवन में परिषद को संबोधित करते हुए मुनि सुखलाल ने अणुव्रत के सूक्त \\\'संयम ही जीवन है\\\' की प्रेरणा दी।
मुनि पानमल ने कहा कि हांसी क्षेत्र में अनेक बार आगमन हुआ। इस क्षेत्र का उत्साह अनूठा है। मुनि मोहजीत कुमार ने कहा कि संतों का समागम दुर्लभ है। इसका पूरा-पूरा लाभ उठाना है। समय का सदुपयोग जीवन निर्माण में करना है। शहर मेें पूर्व प्रवासित मुनि कुलदीप कुमार ने संतों की भावपूर्ण अगवानी की। मुनि मुकुल कुमार ने हांसी के इतिहास में इतने संतों के मिलन को अपूर्व बताया। मुनियों ने कहा कि हरियाणा क्षेत्र श्रद्धा-भक्ति में अपनी अलग पहचान रखता है। कार्यक्रम का संचालन मुनि मुकुल कुमार ने किया। इस अवसर पर तेरापंथ सभा अध्यक्ष दर्शन जैन, मंत्री अशोक जैन, कोषाध्यक्ष अशोक जैन, तेरापंथ युवक परिषद अध्यक्ष मोहित जैन, मंत्री विनित जैन, अशोक जैन, मदन लाल जैन, कुलवंत जैन, डालचंद जैन, प्रदीप जैन अािद काफी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
दिल्ली में चातुर्मास संपन्न कर लौटते समय शहर में प्रवेश करते संतगण।