10 साल पहले की स्थिति
सवाल रोहतक तक सुहाना और बाकी सफर दर्द भरा क्यों
यमुनानगर में दो पुल बनाए गए, एक हमीदा हेड पर दूसरा दादुपर में दादुपुर नलवी नहर पर। एक करोड़ की लागत से हमीदा हेड का पुल उद्घाटन से पहले ही टूट गया। दादूपुर नलवी नहर का पुल 2012 में पहली बाढ़ ही झेल नहीं पाया और भरभरा कर नहर में समा गया। पानीपत से रोहतक तक की सड़कें ठीक हैं। पंचकूला से अम्बाला की ओर जाते हुए एक किलोमीटर का सफर तय करना भी मुश्किल भरा है। जींद से हिसार के ग्रामीण इलाकों की सड़कों की हालत इससे भी खराब है।
प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए क्राइम अगेंस्ट वीमेन विंग बनाया गया। पुलिस स्टेशन में महिला पुलिसकर्मी हैं। दावा है कि पीड़ित को थाने में नहीं बुलाया जाता। स्कूल काॅलेज में शिकायत पेटी बनाने की बात कही गई। वहीं, वीमन अगेंस्ट सेक्सुअल वायलेंस एंड रिप्रेसन की महिला एक्टिविस्ट कल्याणी मेनन का कहना है कि प्रदेश में महिला विंग सिर्फ महिलाओं के साथ होने वाले अपराध के आंकड़े जुटाने से ज्यादा कुछ भी नहीं कर रहा है। राज्य महिला आयोग है, इनके पास स्टाफ है और इच्छा शक्ति।
पानी के लिए खर्च तो करोड़ों किए, लेकिन वाटर मैनेजमेंट सिस्टम नहीं अपनाया। शुरुआत समिति की अध्यक्ष और जल बचाओ अभियान की मुखिया रीता रंजन ने बताया कि रेन वाटर हारवेस्टिंग की ओर ध्यान नहीं है। सरकार किसानों को अनुदान पर बिजली देकर अहसान जता रही है। जब पानी ही नहीं होगा तो खेती कैसे हाेगी? बिजली मुफ्त बराबर मिलती है, किसान पानी की कीमत नहीं समझ रहा। पिछले दिनों वोट बटोरने के चक्कर में पानी के 100 करोड़ के बिल माफ कर दिए गए।
मेगावाट उत्पादन था हुड्डा सरकार से पहले
लाख यूनिट पहले मिलती थी
लाख यूनिट अतिरिक्त दिलाई
मेगावाट उत्पादन बढ़ाने का दावा
लाख यूनिट हर रोज देने का दावा