पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • नामी कंपनी की सैकड़ों नकली ट्यूब बरामद

नामी कंपनी की सैकड़ों नकली ट्यूब बरामद

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पुलिसकी अपराध जांच शाखा ने कृष्णा कालोनी से वाहनों की डुप्लीकेट ट्यूब पकड़ी हैं। यह ट्यूब कालोनी के एक गोदाम में रखी थी। शाखा ने कंपनी की सूचना और इसके अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया गया। शाखा के थाने में आरोपी से पूछताछ की जा रही थी। पुलिस की कार्रवाई की जानकारी मिलते टायर-ट्यूब का कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में दुकानदार अपने दुकानें बंद कर भूमिगत हो गए। इससे अन्य जगह छापामार कार्रवाई नहीं हुई।

बताया जा रहा है कि सिएट कंपनी को सूचना मिली थी कि शहर में कंपनी के नाम पर डुप्लीकेट ट्यूबों की बिक्री हो रही है। सूचना के आधार पर कंपनी की तरफ से ऑथोराइज्ड स्पीड नेटवर्क ने अपने स्तर पर छानबीन की। छानबीन में सूचना सही पाई गई, जिसके बाद पुलिस प्रशासन को मामले से अवगत कराया गया। इसके बाद पुलिस की अपराध जांच शाखा के प्रभारी पवन कुमार और कंपनी के अधिकारी सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में कृष्णा कालोनी में छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

कैसे जानंे नकली-असली का फर्क

कंपनी अधिकारी सुरेंद्र कुमार के अनुसार गौर करने पर नकली और असली ट्यूब में फर्क पकड़ा जा सकता है। असली ट्यूब पर लाइनिंग होती है, जिसे नकली माल तैयार करने वाले नहीं बना पाते। ट्यूब के पैक का कलर असली से धुंधला होता है। कंपनी के नाम के नीचे लोगो नहीं लगा होता। यही नहीं, नकली ट्यूब बनाने वाले कई बार पुरानी को नई में बदल देते हैं। गौर से देखने पर इसमें पंक्चर नजर आते हैं, हालांकि इन्हें ग्राइंडर से बड़ी सफाई से छिपा दिया जाता है। मगर ट्यूब में हवा भरने पर इन्हें पकड़ा जा सकता है।

कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि ये ट्यूब दुकानदारों को कंपनी से एक सौ रुपए तक सस्ते में सप्लाई की जाती हैं। जिससे अनेक दुकानदार अधिक मुनाफे के लालच में इन्हें खरीद लेते हैं। इस तरह की ट्यूब अधिक नहीं चलती, लेकिन ग्राहक को जानकारी होने के कारण वह विरोध नहीं कर पाता। बरामद ट्यूबों की कीमत दो लाख रुपये आंकी गई है।