सड़क के बीच में लगे बोर्ड उखाडे़
शहरसे अतिक्रमण हटाने का अभियान बुधवार को चार और स्थानों पर चला। अभियान के दौरान नगर परिषद के कर्मचारियों ने दुकानों के बाहर रखा सामान कब्जे में ले लिया। कर्मचारियों के निशाने पर सड़कों के बीच में लगाए गए बोर्ड अधिक रहे। कर्मचारी बोर्ड उखाड़ अपने साथ लाई ट्राली में ले गए।
अभियान का नेतृत्व सेनेटरी इंस्पेक्टर दीपक झांब ने किया। अभियान के चलते चार बाजारों में दुकानदारों में हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई। दुकानदार आनन-फानन में बाहर रखे सामान को अंदर करने लगे। हालांकि इस दौरान परिषद के कर्मचारी काफी सामान को कब्जे में ले चुके थे। परिषद द्वारा अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान बस स्टैंड, तोशाम चुंगी, पुराना बस अड्डा, बड़सी गेट आदि बाजारों में चलाया गया। अभियान के तहत दुकानों के बाहर निर्धारित सीमा से बाहर रखे सामान को कब्जे में लिया। परिषद की गाड़ियों ट्राली को देखकर दुकानदारों तथा रेहड़ी वालों में हड़कंप मचा रहा। अतिक्रमणकारी दुकानदार परिषद की कार्रवाई के डर से अपने सामान को दुकानों के अंदर रखते नजर आए। परिषद की टीम को जो भी सामान दुकान के बाहर मिला, उसे अपने कब्जे में ले लिया और परिषद परिसर में जाकर रख दिया। झांब ने बताया कि परिषद को पिछले काफी दिनों से यह शिकायत मिल रही थी कि शहर में खासतौर से बस स्टैंड के पास वाले बाजारों में दुकानदारों ने अतिक्रमण की इंतिहा कर रखी है।
अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान डिवाइडरों पर लगे बोर्ड उखाड़ते नगर परिषद के कर्मचारी। परिषद के अभियान का बाजार में असर भी दिखा।
जुर्माना लेकर छोड़ते हैं
परिषद द्वारा अभियान के तहत कब्जे में लिए गए सामान को लेकर जुर्माना लेकर छोड़ा जाता है। जुर्माना की राशि सामान की कीमत पर निर्भर करता है। यह एक सौ रुपए से लेकर पांच हजार रुपए तक हो सकता है। छोटे-मोटे सामान को केवल शपथ पत्र लेकर छोड़ दिया जाता है। अगर पुन वह दुकानदार अतिक्रमण करता हुआ पाया जाता है तो परिषद उस सामान को लेने वालों से दोगुना जुर्माना वसूल करता है।