- Hindi News
- सचिवालय में सफाई देख गुस्सा हो गए अधिकारी
सचिवालय में सफाई देख गुस्सा हो गए अधिकारी
घंटे भर में सब चकाचक
विधानसभाचुनाव को लेकर बढ़ी गतिविधियां, उम्मीदवारों समर्थकों की उमड़ती भीड़। वरिष्ठ प्रशासनिक निर्वाचन अधिकारियों के औचक दौरे और इस पर भी धूल-धूसरित लघु सचिवालय। शनिवार सुबह एसडीएम योगेश मेहता ने यह आलम देखा तो गुस्से से बरस पड़े। जिम्मेदार अधिकारियों को तलब किया।
यही नहीं, उनकी नजर सचिवालय के गलियारों में खड़ी मोटर साइकिलों और स्कूटियों पर पड़ी तो गुस्सा और सातवें आसमान पर पहुंच गया। मिनटों में तमाम वाहन हटाने के निर्देश दिए। असर यह हुआ कि करीब एक घंटे बाद लघु सचिवालय एकदम चकाचक नजर आने लगा लगा। फर्श चमकते नजर आए और गलियों से वाहन नदारद मिले।
हुआ यूं कि विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर और एसडीएम योगेश मेहता सुबह अन्य विभागों के कार्यालयों पर नजर दौड़ाने निकले। उन्हें शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ कार्यालयों में स्मोकिंग की जाती है और सचिवालय के कुछ गलियारों में अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा अपने दुपहिया वाहन पार्क किए जाते हैं। मेहता सचिवालय में अपने ऑफिस से कुछ दूर आगे पढ़े तो पाया कि मोटर साइकिल और स्कूटियां गलियारों के अंदर खड़ी हैं।
^मैंने पाया कि फर्श साफ नहीं थे। अधिकारियों को ध्यान देने को कहा। गलियारों में दुपहिया वाहन मिले, इन्हें हटाने के निर्देश दिए। व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है, यह समाझाया।\\\'\\\' योगेशमेहता, एसडीएम
सफाई के लिए फटाफट बुलाए कर्मचारी
मेहताका गुस्सा देख निचले अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में कर्मचारी बुलाए गए और सचिवालय के गलियारों की सफाई पर लगा दिए गए। गलियारों में खड़े वाहन कुछ ही देर में नदारद मिले। अधिकारियों और कर्मचारियों में इन्हें गलियारों से बाहर निकालने में होड़ लग गई। सारे वाहन पार्किंग में चले गए।एक घंटे बाद लघु सचिवालय एकदम चकाचक नजर आने लगा लगा। फर्श चमकते नजर आए और गलियों से वाहन नदारद मिले। सबकुछ व्यवस्थित नजर आने लगा तब कहीं जाकर अधिकारी संतुष्ट हुए।
एसडीएम के निरीक्षण के बाद फटाफट सफाई पर लगाए गए कर्मचारी।