पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • मर्यादा ही बनती है प्रतिष्ठा का कारण : अंजू

मर्यादा ही बनती है प्रतिष्ठा का कारण : अंजू

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
ब्रह्माकुमारीअंजूबहन ने कहा कि मर्यादा ही मनुष्य की प्रतिष्ठा का कारण बनती है। मनुष्य के परिवार और सामाजिक जीवन में मर्यादा का अपना ही एक विशेष महत्व है। वे प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में ज्ञान सरिता कार्यक्रम के तहत प्रवचन कर रही थी। उन्होंने कहा कि मर्यादा केवल संसद में शिष्टता और सम्मान और संविधान के अनुकूल व्यवहार को ही नहीं कहते बल्कि घर परिवार में, व्यापार कारोबार, आस पड़ोस, सगे संबंधियों में पालनीय है। उन्होंने कहा कि मर्यादा कोई कानून नहीं है और ही पाप पुण्य पर आधारित कोई आचार संहिता है। बल्कि पारस्परिक संबंधों में कलह क्लेश की स्थिति को पैदा होने से रोकने के लिए तथा कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए और समाज में तालमेल, सामंजस्य, स्नेह और व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अगर समाज में मर्यादा बनी रहे तो कानून और दंड संहिता की आवश्यकता ही नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज में बढ़ते दुराचार, पापाचार और भ्रष्टाचार का मुख्य कारण यही है कि आज का मानव मर्यादाओं का पालन नहीं करता। उन्होंने कहा कि समाज में फैली अव्यवस्था को ठीक करने के लिए केवल कानून पर्याप्त नहीं है अपितु प्रत्येक मानव को व्यक्तिगत रूप से कुछ कदम उठाने होंगे। मनुष्य मर्यादा में रह कर एक सशक्त समाज की स्थापना कर सकता है।

इस्माइलाबाद| प्रजापिताब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में ज्ञान सरिता कार्यक्रम के तहत प्रवचन करती अंजू बहन।