बारिश से बढ़ी ठिठुरन
कस्बेमेंशनिवार सुबह से हो रही बारिश से तापमान में एकाएक गिरावट आई, जिससे मौसम में ठिठुरन बढ़ गई। वहीं इस बरसात से किसानों के चेहरे भी खिल उठे। किसानों का मानना है कि इस बरसात से गेहूं की फसल को दोगुना फायदा मिलेगा। बरसात से मौसम में आई ठंडक भी गेहूं के पौधे को फुटाव में काफी मदद करेगी। इस बरसात का सब्जियों पर भी सकारात्मक असर होगा।
किसानों ने कहा कि जिन किसानों ने गेहूं में खरपतवार नाशक दवाई का स्प्रे कुछ समय पहले किया था, इस बरसात के कारण उसके भी अच्छे परिणाम आने की संभावना बन गई है। कृषि विकास अधिकारी डॉ. विनोद कुमार लेखराज शर्मा का कहना है कि अधिक गर्मी के बाद एकदम बरसात पड़ना गेहूं के अधिक लाभकारी होता है।
वातावरण में उपस्थित नाइट्रोजन धरती पर फैल जाती है जोकि फसल के पौधे को फुटाव में काफी मदद करती है। उन्होंने कहा कि गेहूं के फुटाव के लिए दिसंबर माह में 14 से 15 डिग्री तापमान शाम में सात से आठ डिग्री तापमान की जरूरत होती है। जिन किसानों ने अपनी फसल में खाद नहीं डाली है वे किसान अधिक उत्पादन लेने के लिए तुरंत अपनी फसल में यूरिया खाद डालें।