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दूसरे के दुख से दुखी होना सहानुभूति नहीं : संगीता
इस्माइलाबाद|ब्रह्माकुमारी संगीताबहन ने कहा कि परमात्मा का साथ अनुभव करते हुए किसी के कल्याण के लिए कोई कार्य करना ही सहानुभूति है। वे प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में ज्ञान सरिता कार्यक्रम के तहत प्रवचन कर रही थी। उन्होंने सहानुभूति शब्द का दिव्य अर्थ व्यक्त करते हुए कहा कि दूसरे के दुख को देखकर केवल दुखी होना वास्तविक सहानुभूति नहीं है। अगर हम केवल दुखी होंगे तो हमारी अपनी योग्यताओं का क्षय होगा और हम संतुलित मन से दूसरे की सेवा या मदद नहीं कर पाएंगे। बल्कि हम स्वयं भी सहानुभूति के पात्र बन जाएंगे। उन्होंने कहा कि सही रूप में सहानुभूति यह है कि जब हम उसे समस्याओं का सामना करने, प्रभु से नाता जोड़कर अच्छे कर्म करने का मार्ग दिखाते हैं। किसी को उसके पांव पर खड़ा करना ही वास्तविक सहानुभूति है।