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इसराना के ग्रामीण बोले- सूखे से 60 प्रतिशत फसल बर्बाद
एमडी बसुधा मिश्रा ने पत्रकारों को बताया कि उनको सूखाग्रस्त फसल के आंकड़े एकत्र करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसकी रिपोर्ट सरकार को भेज दी जाएगी। इसके बाद मुआवजा राशि निश्चित की जाएगी। सूखाग्रस्त फसल के लिए किए गए निरीक्षण के कोऑर्डिनेटर डीआरओ वीएस बठला ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से क्षेत्र में दौरा करने के लिए दो टीम बनाई गई हैं। इसमें से एक टीम हिसार की तरफ निरीक्षण कर रही है और एक इस क्षेत्र में। रविवार को किए गए निरीक्षण में आंकड़े एकत्र किए गए हैं, जहां फसल 50 प्रतिशत से ज्यादा खराब है केवल उसी क्षेत्र को सूखाग्रस्त माना जाएगा। इस मौैके पर एडीसी आरएस वर्मा, तहसीलदार मीता धनखड़, बीडीपीओ जितेंद्र शर्मा, ब्लॉक कृषि अधिकारी राजेंद्र सिंह, एसडीओ दिवेश दहिया मौजूद रहे।
कैत में एमडी बसुधा मिश्रा किसानों की खराब फसल के बारे में जानकारी लेती हुई।
भास्कर न्यूज | इसराना
इसरानाखंड के गांवों में को-आपरेटिव विभाग की एमडी बसुधा मिश्रा ने सूखे के कारण बर्बाद हुई फसलों का निरीक्षण किया। मिश्रा को कैत और नौल्था के किसानों ने बताया कि सूखे से उनकी करीब 60 प्रतिशत फसल बर्बाद हुई है। उन्होंने कहा कि हमें जल्द ही फसल का मुआवजा दिलाया जाए।
किसान धर्मपाल कुंडू, किताब सिंह नबंरदार, देवेंद्र सिंह, रामकुमार, महाबीर, कुलबीर, बलजीत राजेंद्र सिंह ने बताया कि इस वर्ष बारिश काफी लेट हुई है। इससे पहले उनकी फसल सूखे के कारण खराब हो चुकी थी। किसानों ने बताया कि क्षेत्र की 80 प्रतिशत जमीन पर धान की फसल थी जो सूखे के कारण नहीं हुई और उसके बाद काफी जगह दोबारा फसल लगाई गई, लेकिन उसमें से भी 60 प्रतिशत फसल खराब हो चुकी है।