पुलिस हमारे सामने मुख्य आरोपी से बात करती है पर गिरफ्तार नहीं करती
^परिजनों के आरोप निराधार हैं। मनोज लोकल नहीं है। ऐसे में सीडीआर के माध्यम से उसकी लोकेशन ली जा रही है। जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा। जहां तक परिवार का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी से फोन पर बातचीत की है। यदि ऐसा होता तो हम उसे कब के पकड़ लेते। कुछ तकनीकी बिंदु हैं जिन्हें ध्यान में रखकर मामले की जांच हो रही है। राकेशकुमार, एसएचओ, सिटी जगाधरी
यमुनानगर| मृतकअमर सिंह के परिजन शिकायत पत्र दिखाते हुए।
पीड़ित परिवार ने एसपी डीसी को शिकायत देकर आरोपी को काबू करने की मांग की
भास्करन्यूज| यमुनानगर
बेकसूरमेरेभाई ने आत्महत्या से पहले लिखा था कि ऑफिसर गंभीर नहीं हैं। उसने चोरी नहीं की, बावजूद इसके उसे पीटा गया। उसके मरने के बाद भी पुलिस ने सबक नहीं लिया। मुख्य आरोपी से हर रोज हमारे सामने फोन पर बात की जाती है। लेकिन मुकदमा दर्ज होने के 11 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं हो पाई। ये दुखड़ा हरी सिंह उसके साथ आए लोगों ने पुलिस को सुनाया। लोगों ने पुलिस की शिकायत डीसी डॉ.एसएस फूलिया से भी की। मरने वाले अमर सिंह के रिश्तेदार भरत राम ईश्वर, नरेंद्र कुमार राजेंद्र ने बताया कि जगाधरी पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर तीन आरोपी बनाए थे। दो को पुलिस पकड़ चुकी है। मुख्य आरोपी मनोज उर्फ काला को अभी तक पुलिस पकड़ नहीं पाई। उन्होंने आशंका जताई कि पुलिस जानबूझकर मामले को लटका रही है। यदि जल्द ही मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हुई तो वे सीएम विंडो सहित अन्य अधिकारियों को शिकायत करेंगे।
येथा मामला : 30जनवरी की रात 1 बजकर 20 मिनट पर अशोका विहार के रहने वाले 65 साल के अमर सिंह ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। मौके से पुलिस को दो पेज का सुसाइड नोट मिला था, जिसमें मरने वाले अमर सिंह ने बताया था कि पड़ोसी जोगिंद्र उसके लड़कों ने उस पर चोरी का झूठा आरोप लगाया था। पुलिस को शिकायत भी नहीं दी। इसकी एवज में डरा धमकाकर मकान का इकरारनामा लिखने का दबाव बनाया गया था, जिससे तंग आकर उसने मौत को गले लगा लिया। सुसाइड नोट के आधार पर ही पुलिस ने जोगिंद्र बेटे रघुबीर सिंह मनोज उर्फ काला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज किया था। काला को छोड़ पुलिस दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।