मनीष की एक चूक सेे 3 बहनों ने भाई और पैरालाइज्ड बाप ने खो दिया बेटा
गांवइशोपुर निवासी 28 वर्षीय मनीष जल्दबाजी के चक्कर में जान गंवा बैठा। लाइन क्रॉस करते समय ट्रेन की चपेट में गया और उसकी मौत हो गई। वह मां-बाप का इकलौता बेटा और तीन बहनों का भाई था। हादसे ने जहां तीन बहनों से भाई छीन लिया वहीं पैरालाइजड बाप से बेटा। हादसा यमुनानगर-जगाधरी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो के पास सुबह करीब पौने छह बजे हुआ। मृतक गुड़गांव के मानेसर में स्थित होंडा कंपनी में काम करता था और वह बस से यमुनानगर आया था। बाइपास चौक पर बस से उतरने के बाद रेलवे स्टेशन से होकर बाड़ीमाजरा पुल की तरफ जा रहा था। क्योंकि बाड़ीमाजरा से सीधा रास्ता गांव इशोपुर जाता है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
सुबह के समय जब युवक ट्रेन की चपेट में आया तो शहर में अफवाह उड़ी थी कि युवक ने सुसाइड कर लिया है। हालांकि रेलवे अधिकारी और जीआरपी अधिकारियों का कहना है कि युवक ने सुसाइड नहीं किया।
मनीष का फाइल फोटो।
यमुनानगर | मनीषके परिजन मौके पर मिले बैग से दस्तावेज चेक करते हुए।