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सीएम ने की थी फोरलेन की घोषणा, बदला फैसला, अब रोड होगा सिर्फ 10 मीटर चौड़ा
दस मीटर चौड़ा करने के लिए फाइल गई है चीफ इंजीनियर के आफिस, नहीं लग रहा टेंडर
कुलभूषणसैनी | यमुनानगर
सीएममनोहरलाल ने 10 अप्रैल 2015 को रादौर रैली में एसके रोड को फोरलेन करने की घोषणा की थी। इसके लिए 80 करोड़ रुपए देने की बात भी की। लेकिन यह घोषणा और बात प्रेक्टिकल नहीं थी। जब अधिकारियों के पास रोड फोरलेन करने के बारे में पत्राचार हुआ तो अधिकारियों ने हाथ खड़े कर दिए। क्योंकि फोरलेन के लिए जमीन अधिग्रहण होनी थी, सीएम ने जमीन अधिग्रहण की बात नहीं की। किसानों को घोषित बजट से कहीं ज्यादा पैसा जमीन अधिग्रहण करने पर देना पड़ता। सरकार ने भी अपना फैसला बदला दिया। रोड अब फोरलेन नहीं बल्कि दस मीटर (अभी 6.7 मीटर है) चौड़ा होगा। लेकिन इसकी फाइल पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर के आफिस में फंसी है। फाइल फंसी होने से अभी तक टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि सीएम ने बिना योजना के ही स्टेज से रोड को फोरलेन की घोषणा कर 80 करोड़ रुपए देने की बात कह दी, लेकिन इसकी जमीनी हकीकत के बारे में नहीं जाना। अब चर्चा यह है कि सीएम ने वाहवाही लूटने के लिए बिना जमीनी हकीकत जाने घोषणा कर दी।
हाईकोर्टमें चल रहा था मामला : कुरुक्षेत्रसीमा से यमुनानगर तक रोड 6.7 मीटर चौड़ा है। जबकि कुरुक्षेत्र की साइड रोड की चौड़ाई दस मीटर है। यह रोड कांग्रेस राज में चौड़ा हुआ था। यमुनानगर के साथ भेदभाव की यह तस्वीर बयां करता था। सरकार बदली तो ध्यान यमुनानगर जिले की तरफ भी गया। दस अप्रैल 2015 को सीएम मनोहर लाल रादौर में आए। 250 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। इसमें गांव अलीपुरा से यमुनानगर बाइपास चौक तक रोड को फोरलेन करने की घोषणा कर गए। लेकिन जमीन का पेंच फंस गया और सीएम की घोषणा के अनुसार काम नहीं हो सका। इस रोड का मामला पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में पहले से ही चल रहा था। सरकार की घोषणा के बाद अधिकारियों ने कोर्ट में बयान दिया कि सरकार ने रोड को फोरलेन करने की घोषणा कर दी है। इस पर कोर्ट ने 24 अप्रैल 2015 को केस डिसपोज ऑफ कर दिया।
अबऐसे बनेगा रोड : एसकेरोड के लिए सीआरएफ (सेंट्रल रोड फंड) के तहत 31.29 करोड़ का बजट जारी किया। इसमें दस प्रतिशत की बढोतरी करने का प्रावधान भी रखा गया। जिसके तहत करीब 35 करोड़ रुपए इस रोड को चौड़ा करने पर खर्च हो सकते हैं। विभाग के प्रोजेक्ट के अनुसार रोड को दस मीटर चौड़ा किया जाएगा। बाइपास चौक से ममीदी जोड़ियो तक और रादौर जेएमआईटी मोड से त्रिवेणी चौक तक रोड फोरलेन होगा। जबकि सीएम की घोषणा थी कि पूरा रोड फोरलेन होगा। रोड को डेवलप करने के लिए सन 2003 में सरकार ने दामला के पास टोल प्लाजा लगाया। सन 2003 से 2010 तक इस टोल प्लाजा सरकार को 34.68 करोड़ रुपए मिले। एडवोकेट रामकुमार रादौरी का कहना है कि अभी तक सरकार को करीब 100 करोड़ रुपए इस प्लाजा से मिल चुके हैं, लेकिन सरकार ने इसका आधा पैसा भी इस रोड पर अभी तक खर्च नहीं किया।
25 से 30 हजार पीसीयू
एसकेरोड पर काफी क्षमता से कहीं अधिक है। यह रोड पांच से सात हजार पीसीयू की क्षमता रखता है। लेकिन इस समय रोड पर 25 से 30 हजार पीसीयू है। क्षमता से चार गुणा वाहन चलने से रोड पर जाम और हादस होते रहते हैं।
अप्रूवलके लिए गई हुई है
एसडीओऋषि सचदेवा ने बताया कि सरकार से फाइनेंशिल अप्रूवल मिल चुकी है। टेक्निकल अप्रूवल के लिए फाइल हेड आफिस गई हुई है। रोड अभी 6.71 मीटर चौड़ा है, इसे दस मीटर चौड़ा किया जाएगा। वहीं चीफ इंजीनियर का कहना है कि फाइल मेरे आफिस में है जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
जगाधरी | इसएसके रोड को फोरलेन करने की घोषणा थी सीएम ने घोषणा।