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आरसीसी में नहीं बदली जाएंगी इंटरलॉकिंग टाइलों वाली सड़कें

5 वर्ष पहले
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एक्सईएन बोले- जारी कर दी गई हिदायत, नियम तोड़ने वाले अधिकारियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई

भास्करन्यूज | यमुनानगर

नगरनिगमअब इंटरलॉकिंग टाइलों (आईएसआई मार्का) वाली सड़कों में बदलाव नहीं करेगा। ठेकेदारों का खेल उजागर होने होने के बाद निगम के एक्सईएन ने इस पर तुरंत रोक लगाने के आदेश दिए हैं। इस सिलसिले में इंजीनियरिंग ब्रांच के सभी अधिकारियों को भी हिदायत दे दी गई है।

ठेकेदारों को आर्थिक लाभ पहुंचाने की नीयत से जगाधरी जोन के अफसर ये काम कर रहे थे। फायदे की बजाय ठेकेदार घाटे में आरसीसी सड़कें बनाने में ज्यादा दिलचस्पी ले रहे थे।

ऐसेचल रहा था खेल : नगरनिगम के जगाधरी जोन में कुछ महीने पहले ही आईएसएआई मार्का की इंटरलॉकिंग टाइल्स की सड़कों के टेंडर हुए थे। ये टेंडर 5 फीसदी के फायदे ठेकेदारों को अलाट भी कर दिए गए थे। मगर काम शुरू होने से पहले अधिकारियों ने टाइलों वाली सड़कों के निर्माण में बदलाव कर दिया। पांच फीसदी फायदे की इन सड़कों को ठेकेदारों ने 7 फीसदी घाटे पर अलाट करवा लिया। बिना टेंडर के ठेकेदारों ने करीब एक करोड़ की सड़कों के निर्माण में बदलाव करवा लिया था। तब पोल खुलने के बाद ही इंजीनियरिंग ब्रांच हरकत में गई थी। जांच में ज्यादातर मामले सही पाए गए। इसके लिए ब्रांच के कई अधिकारियों से भी जवाब तलब किया गया। हैरत की बात है कि आरसीसी की ज्यादातर सड़कें 14 फीसदी घाटे में बन रही हैं। इतने बड़े घाटे के बावजूद ठेकेदार इन सड़कों के टेंडर ले रहे हैं। जबकि पांच फीसदी फायदे की टाइलों वाली सड़कें कोई बनाने को तैयार नहीं है।

इसलिए बच गई जान

जगाधरीजोन के म्यूनिसिपल इंजीनियर सतीश शर्मा ने इंटरलॉकिंग टाइलों से बनने वाली कई सड़कों के निर्माण में बदलाव की बात स्वीकार की थी। तब शर्मा ने कहा था कि विरोध की वजह से सड़कों के निर्माण में बदलाव किया गया है। इसके लिए कुछेक पार्षदों ने लिखित में ये आग्रह भी किया था। इसी वजह से अधिकारियों की जान बच गई। इसके लिए पहले उच्चाधिकारियों से अनुमति भी ली गई थी।

जिसकाटेंडर हुआ वही बनेगी सड़क

नगरनिगम के एक्सईएन दीपक किंगर ने कहा कि अब सड़क के निर्माण में बदलाव नहीं किया जाएगा। अगर टेंडर इंटरलॉकिंग टाइल्स का हुआ तो वही सड़क बनेगी। उससे आरसीसी में नहीं बदला जाएगा। लिखित में इंजीनियरिंग ब्रांच के सभी अधिकारियों को ये आदेश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने साफ कहा कि अगर आदेश के बावजूद किसी ने जानबूझकर ये काम किया तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। किंगर ने कहा कि वे खुद टेंडर प्रक्रिया पर नजर रख रहे हैं।

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