निर्माण के लिए सड़क तो उखाड़ी, बनवाना भूल गया विभाग
साधनवास में जानलेवा साबित हो सकते हैं रेत के सहारे खड़े पेड़
नरवानारोड का निर्माण कार्य पिछले लंबे समय से अधर में लटका हुआ है। लोक निर्माण विभाग की ओर से करीब सात महीने पहले इस सड़क को बनाने के लिए उखाड़ा गया था, उसके बाद इस पर पत्थर आदि डाल दिए गए, लेकिन इसके बनाने की ओर ध्यान ही नहीं दिया है। करीब चार किलोमीटर दूरी तक की सड़क उखड़ी पड़ी है। जिस कारण राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने पीडब्लूडी विभाग प्रशासन से सड़क मार्ग का निर्माण शीघ्र करवाए जाने की मांग की है।
उक्त सड़क का निर्माण हिसार रोड स्थित नरवाना टी प्वाईंट से लेकर गांव बलियावाला तक किया जाएगा। करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबे इस निर्माण कार्य पर करीब साढ़े तीन करोड़ की लागत आएगी।
हालांकि पीडब्लूडी विभाग ने सड़क का निर्माण कार्य करीब सात माह पूर्व जुलाई 2015 में शुरू किया था और कार्य पूरा करने के लिए 27 अप्रेल 2016 तक का समय निर्धारित किया गया है। सड़क पर रोड़ानुमा पत्थर भी डाल दिया गया लेकिन उसके बाद विभाग शायद इसे बनाना भूल गया। जिस कारण विभाग द्वारा वहां डाला गया काफी पत्थर वाहनों के आवागमन से समाप्त प्राय: हो चुके हैं। इतना ही नहीं सड़क पर पड़े पत्थर से केवल वाहनों को नुकसान हो रहा है वहीं कुछ वाहनों के तेजगति से निकलते समय पत्थर उछल कर दूसरों वाहनों पर जा लगते हैं तथा अनेक राहगीर चोटिल हो चुके हैं। परमवीर अत्री, सुरेंद्र कुमार, नरेश शर्मा ने बताया कि उनका अक्सर नरवाना आना जाना रहता है। लेकिन इस सड़क पर पहुंचते ही भय सताने लगता है।
उन्होंने बताया कि अनेक बार उनकी गाड़ी पंक्चर हो चुकी है तथा गाड़ी के टायर घिस गए हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सड़क का निर्माण शीघ्र करवाया जाए ताकि राहगीरों को समस्या से निजात मिल सके। इस बारे में जब पीडब्लूडी विभाग के एसडीओ राहुल चहल से बात की तो उन्होंने बताया कि अधिक ठंड में तारकोल की सड़क नहीं बनाई जा सकती। उन्होंने बताया कि मार्च के पहले सप्ताह में मौसम में बदलाव होते काम शुरू होगा।
टोहाना। राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बना अधर में लटका नरवाना रोड।
चांदपुरा रोड़ पर तलवाड़ी साधनवास के बीच मिट्टी के तौंदों पर खड़े पेड़।