अधर में लटकी है पानी निकासी की योजना
अनाज मंडी में बरसात के दौरान होती है भारी परेशानी
अनाजमंडी में पानी निकासी की योजना अधर में लटक रही है। जिससे मंडी के आढ़तियों एवं दुकानदारों में रोष बना हुआ है। लोगों ने समस्या के जल्द समाधान की मांग की है। वहीं संबंधित हरियाणा राज्य मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि इसका योजना पर कार्य जल्द पूरा कराया जाएगा।
पूर्व कृषि मंत्री परमवीर सिंह ने गत विधानसभा चुनावों से ठीक पहले जाखल अनाज मंडी में पानी निकासी के लिए काम शुरू कराया था। इसके लिए उन्होंने करीब 70 लाख रुपये का बजट पारित किया था। जिसके अंतर्गत अनाज मंडी के दोनों ओर की दिशाओं में पाइप लाइन डालकर बरसाती एवं अन्य पानी को जाखल मंडी के डिस्पोजल प्वांइट तक पहुंचाकर पानी की निकासी कराई जानी थी। हरियाणा राज्य मार्केटिंग बोर्ड की ओर से कराए जाने वाले इस काम का हालांकि शुभारंभ भी चुनावों में लगने वाली आचार संहिता से ठीक पहले आनन फानन में हुआ लेकिन लेकिन यह कार्य अभी तक सिरे नहीं चढ़ा है। हालांकि धान के सीजन से पहले मंडी में पाइप लाइन डालने का काम कर दिया गया लेकिन इसके बाद आगे का काम पिछले दो महीनों से अधर में लटक रहा है। लेकिन वहीं बरसाती मौसम में अनाज मंडी के अंदर खड़ा हो रहा पानी आढ़तियों दुकानदारों के लिए मुसीबत बना है।
अनाज मंडी जाखल में पानी की निकासी को लेकर विभाग गंभीर नहीं है। पिछले तीन महीनों से चालू किया गया काम अभी भी अधर में लटक रहा है जबकि पाइप लाइन डाली गई जगह पर सड़क बनाने का काम भी पूरा नहीं किया गया है। जिससे उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है।\\\'\\\'
संजयजिंदल, आढ़ती
अनाज मंडी में पानी निकासी होने के कारण बरसात से भीगी धान की बोरियों को उठाते मजदूर।
अनाज मंडी में पानी की निकासी होना सीवरेज चालू होना सबसे बड़ी जरूरत है। इसके कारण किसानों की फसलें खराब हो जाती है। जबकि व्यापारियों द्वारा खरीदा गया माल भी भीगने से उन्हें नुकसान झेलना पड़ता है।\\\'\\\'
सुनीलकुमार मिंटा, आढ़ती
वहीं समस्या के बारे में मार्केटिंग बोर्ड के एसडीओ पीएल कटारिया ने कहा कि धान का सीजन बीच में जाने के कारण पानी निकासी का काम बीच में अटक गया था। लेकिन अब समस्या उनके ध्यान में है। यह काम जल्द ही पूरा करवा कर समस्या से निजात दिलाई जाएगी।