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पेंशन बंटने से पहले ही बैंक मैनेजर परेशान
जिलाप्रशासन सरकार की एक अच्छी सोच के तहत समाज कल्याण विभाग के जरिए बंटने वाली पेंशन अब बैंक से जारी करेगा। इसके लिए शहर ग्रामीण क्षेत्र में बैंक मुकर्रर कर दिए गए हैं। अब शहरी सीमा के कुछ बैंक प्रबंधन को ये समस्या रही है कि उनके पास जरूरत से ज्यादा पेंशन खाते के आवेदन रहे हैं। अपने करीब के बैंक में खाता होने पर इस तरह की शिकायत वार्ड के पार्षद से लेकर नपा कार्यालय में रही हैं।
दरअसल प्रशासन ने क्षेत्र की आबादी और मौजूद सभी 19 वार्डों के हिसाब से अलग-अलग क्षेत्रों में बैंक को खाता खोलने की जिम्मेदारी दी है। अब जिनका निवास रोहतक रोड पर है उसे रेवाड़ी रोड का बैंक दिया गया है या जो रेवाड़ी रोड पर रहता है उसे सिलानी गेट पर खाता खुलवाने के लिए जाना होगा। पेंशनधारक चाहते हैं कि वार्ड के पास ही उनका बैंक हो। अब समस्या यह है कि हर वार्ड के पास बैंक नहीं है। लिहाजा जो जिस वार्ड में रहता है उसके पास ही खाता खोलने के लिए बैंक मैनेजर को आवेदन कर रहा है, जबकि बैंक मैनेजर्स इस बात से परेशान हैं कि पहले उन लोगों के खाते खोले जाएं जिनकी वार्ड स्तर पर लिस्ट प्रशासन से मिली है। बुधवार को भी इस बात को लेकर नगर पालिका के अफसरों के बीच मंथन चला। इस दौरान इसी बात पर जोर दिया गया कि बुजुर्ग पेंशनधारकों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
बैंक ऑफ बड़ौदा के मैंनेजर एसएच मेहंदीरत्ता ने भी माना कि हमारे पास अन्य वार्डों के पेंशनधारी खाता खुलवाने के लिए रहे हैं, लेकिन हम उनके खाते खोलने की बजाए यही मोटीवेट कर रहे हैं कि उनका नाम जिस वार्ड के बैंक में है वहीं खाता खुलेगा।
15फरवरी तक है खाता खोलने का टारगेट
मौजूदबैंकों को अपने क्षेत्र के पेंशन धारकों के खाते खोलने का टारगेट 15 फरवरी तक दिया गया है। हालांकि बैंक प्रबंधन इस टारगेट से अभी काफी दूर है। इस कार्य में उन बैंक को ज्यादा परेशानी रही है जिनकी सब ब्रांच गांव में नहीं है। लिहाजा उन्हें शहर से स्टाफ भेजना पड़ रहा है। वहीं जिनके सब ऑफिस गांव में हैं उन्हें स्टाफ की परेशानी नहीं रही है।
अबबैंक को रहेगा प्रोडक्ट कोड का इंतजार
पेंशनधारकोंका खाता खोलने वाले सभी बैंक इस खातों को प्रोडक्ट कोड से जोड़ने जा रहे हैं। ये प्रोडक्ट कोड बैंक को उसका मुख्यालय जारी करेगा। इस प्रोडक्ट कोड से बैंक खाताधारकों की मॉनीटरिंग का काम आसानी से कर सकेगा। अन्यथा अलग-अलग खातों का रिकार्ड रखना बैंक के लिए सिर का दर्द साबित होगा। प्रोडक्ट कोड का आयडिया भी हरियाणा सरकार की पहल पर किया गया है।
^लोग चाहते हैं जहां वे रहते हैं उसके पास ही बैंक में उनका खाता हो। हालांकि कई वार्डों में ये स्थिति है कि वे रहते किसी वार्ड में हैं और बैंक अन्य वार्ड में। इस पर हमने डीसी सर से बात की है उनकी भी यही सोच है कि जो जहां रहता है उसके पास ही बैंक खाते खुले। अब इसी तरह लिस्ट बनाई जा रही है। -ईश्वरशर्मा, चेयरमैन नपा, झज्जर।
झज्जर. पेंशनखातों को खोले जाने को लेकर चेयरमैन के साथ चर्चा करते वार्ड पार्षद।