रामपाल की पुस्तक के वितरण पर लगाई रोक
करौंथाके चर्चित सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल द्वारा लिखी गई भोगेगा अपना किया रे पुस्तक के वितरण पर जिलेभर में रोक लगा दी गई है। पुस्तक में प्रकाशित आपत्तिजनक और भावनाओं को भड़काने वाले लेख के देखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर ने कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर, 1973 की धारा 144 में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए राष्ट्रीय समाज सेवा समिति की ओर से भोगेगा अपना किया रे शीर्षक से प्रकाशित पुस्तक का जिले में वितरण बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिला मजिस्ट्रेट ने जारी आदेशों में कहा कि कोई भी इस आदेश का उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।