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गलत तरीके से लाभ लेने वालों के खिलाफ होगा केस दर्ज
सीएमद्वारा डीसी एसपी के साथ हुई मीटिंग का असर अब जिलों में दिखाई देने लगा है। डीसी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गलत रूप से लाभ लेने वालों के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।
डीसी के आदेश के बाद प्रियदर्शनी आवास योजना, इंदिरा आवास योजना में गड़बड़ी करने वाले लाभार्थियों के खिलाफ कानूनी की तलवार लट सकती है। साथ ही सभी बीडीपीओ अपने-अपने क्षेत्र में ग्राम सचिवों से ग्राम सभाओं के आयोजन की रिपोर्ट लें और महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत पात्रता की शर्त पूरी करने वाले आवेदकों के नाम तुरंत रजिस्ट्री कराकर 100-100 वर्ग गज के प्लाट पर कब्जे दिलाएं। उपायुक्त डाॅ . अंशज सिंह ने यह निर्देश मंगलवार को अपने कार्यालय में जिले में ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं को लेकर अधिकारियों की बैठक में दिए।
बीडीपीओलें ग्राम सचिवों से रिपोर्ट
बैठकमें उपायुक्त ने आईडब्ल्यूएमपी योजना की प्रगति की समीक्षा करने के उपरांत यह निर्देश भी दिए कि सभी बीडीपीओ ग्राम सचिवों से ग्राम सभाओं के आयोजन की रिपोर्ट लें। अगर कहीं बिना ग्राम सभा के आयोजन के किसी परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट(डीपीआर) तैयार हुई हो उसकी सूचना तुरंत भिजवाएं। बैठक में एचआरडीएफ, एमपीलैड, वैट, स्वच्छ भारत अभियान, राजीव गांधी सेवा केंद्रों की प्रगति की भी उपायुक्त ने समीक्षा की। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त पुष्पेंद्र चौहान, डीडीपीओ विशाल कुमार सहित ग्रामीण विकास से जुड़े अन्य गणमान्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
पात्र लाभार्थी को तुरंत जारी करें दूसरी या तीसरी किश्त
उपायुक्तडाॅ . सिंह ने कहा कि प्रियदर्शनी आवास योजना में जिस भी पात्र लाभार्थी की दूसरी या तीसरी किश्त शेष बची हो उसे तुरंत जारी करें। इस योजना में फिलहाल किसी नए केस को स्वीकृति प्रदान करें। बैठक के दौरान कई लाभार्थियों की ओर से पहली किश्त मिलने के बाद काम करने या गलत जगह दिखाकर लाभ प्राप्त करने सहित अन्य गड़बड़ी का मामला संज्ञान में आए। उपायुक्त ने कहा कि तुरंत प्रभाव से ऐसे लाभार्थियों के खिलाफ रिकवरी का नोटिस भिजवाएं। अगर नोटिस के बाद संतोषजनक प्रत्युत्तर मिले तो धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया जाए। पीएवाई या आईएवाई में किसी प्रकार का नया केस तब स्वीकृत होगा, जब जिले में कच्चे मकानों की नई सूची तैयार होगी। उन्होंने बीडीपीओ को निर्देश दिए कि सभी ग्राम सचिवों