खेत में चारा खा रहे पांच गोवंश की करंट से मौत
सड़ककिनारे खेत में चारा खा रहे पांच गोवंश की मौत बिजली की तार की चपेट में आने से मौत हो गई। इसके अलावा एक कुत्ता, दो तीतर भी मर गए। हादसा 11 हजार हाइटेंशन की फेस पर अर्थिंग तार गिरने से हुआ।
घटनाक्रम के अनुसार सुबह पांच बजे गोवंश सड़क किनारे खेत में चारा खा रहे थे कि खेत की दूसरी ओर से ऊपर से गुजर रही 11 हजार की हाइटेंशन की तार टूटी होने के कारण गोवंश उनकी चपेट में गए। जिससे पांचों गोवंश की मौत हो गई। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारियों सहित संत गोपालदास भी मौके पर पहुंचे। गोवंश को प्रशासन ने संत गोपालदास की मौजूदगी में ही खेत में दफना दिया। गोवंश की मौत पर गो प्रेमी संत गोपालदास ने स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि बेसहारा पशुओं को गोशाला में नहीं भेजा जा रहा है। इसी का नतीजा है कि बेसहारा पशु मौत की भेंट चढ़ रहे हैं। वे बोले कि भले ही प्रदेश सरकार गोवंश की देखरेख के लिए हर सुविधा मुहैया कराने के दावे कर रही हो, लेकिन सरकार के ये दावे धरातल पर खोखले साबित होते दिखाई दे रहे है।
गोशालाओं पर भी उठने लगे सवाल
संतगोपलदास ने कहा कि कहने को तो झज्जर जिले में करीब दो दर्जन गोशालाएं है और हर साल गोवंश की देखरेख के लिए गो भक्तो द्वारा करोड़ों रुपए दानस्वरूप भी दिए जाते है। इसके बावजूद भी गोवंश सुरक्षित नहीं है कभी सड़कों पर वाहनो की चपेट में आकर तो कभी खेतों में इसी तरह करंट की चपेट में आने से मौत का शिकार हो जाते है।
गुजरातके समान गोचर विकास बोर्ड की मांग
संतगोपालदास सरकार से गोवंश के लिए स्पेशल चारागाह बनाए जाने की मांग की। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि जब गुजरात में गोचर विकास बोर्ड बना दिया गया तो हरियाणा में भी प्रदेश सरकार गोचर विकास बोर्ड बनाकर गोचरण शालाएं बनाई जाए। संत गोपालदास ने कहा कि जैसे पब्लिक पार्क बनाए जाते है तो उसी तरह गोवंश के लिए स्पेशल चारागाह उनके लिए कोई सुनिश्चित स्थान होना चाहिए। गोपालदास ने कहा कि जिस तरह संसद में फूड सिक्योरिटी बिल बना पास हुआ उसी तरह से केटल फुड सिक्योरीटी बिल बनाया जाए।
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11 हजार वोल्टेज की फेस पर अर्थिंग तार गिरने पर हुआ हादसा
स्पेशल चारागाह बनाने की मांग