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फर्जी इंतकाल करने वाला पटवारी गिरफ्तार

5 वर्ष पहले
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झज्जरके चर्चित 113 साल पुराने जमीन के इंतकाल को फर्जी तरीके से दुरुस्त करने के मामले में पुलिस ने अब झज्जर तहसील के पटवारी को पकड़ लिया है। वो अब रिमांड पर है। पूछताछ में पटवारी से कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।

पुलिस की अब तक चली जांच में ये सामने आया है कि पटवारी ही वो पहली कड़ी रहा,जिसकी बदौलत इस फर्जी मामले की पूरी नींव खड़ी की गई। आरोपी पटवारी तेजपाल पिछले दो माह से फरार चल रहा था। इसके पकड़े जाने के बाद अब इस बहुचर्चित मामले की कड़ी से कड़ी मिलती चली जाएगी। पटवारी ने इस पुराने इंतकाल को सरकारी रजिस्टर पर दुरुस्त कर चढ़ाया था। अगर पटवारी लालच में आकर इस भ्रष्टाचार की नींव का पहला पत्थर नहीं रखता तब ऊपर वालों की राह आसान नहीं होती। पटवारी तेजपाल के रजिस्टर पर इंतकाल को नए सिरे से चढ़ाने की कार्रवाई की कानूनगो यज्ञदत्त द्वारा तस्दीक की गई। कानूनगो की टिप्पणी के बाद ही इसे प्रमोद चहल ने मंजूर किया ,तब जाकर तहसील में 113 साल पुरानी फरद को बदल यानी 2015 को दुरुस्त कर दिया गया और इस तरह हुडा से 2 करोड़ रुपए से ज्यादा का मुआवजा वसूला गया।

17अक्टूबर को हुआ मामला दर्ज : इसचर्चित मामले में अब तक 4 गिरफ्तारी हो चुकी हैं। पहली गिरफ्तारी फर्जी मुआवजे के सूत्रधार सुरेंद्र हरित उर्फ मुन्ना पंडित के रूप में हुई। इसके बाद झज्जर के तहसीलदार रहे प्रमोद चहल पकड़े गए। दोनों जेल में है। तीसरी गिरफ्तारी कानूनगो यज्ञदत्त के रूप में हुई। हालांकि इसने सरेंडर किया था। अब चौथे आरोपी के रूप में पटवारी तेजपाल पुलिस शिकंजे में आया है। बता दें कि इस फर्जीवाड़े पर झज्जर पुलिस थाना ने 17 अक्टूबर 2015 को मामला दर्ज किया था। इसमें 11 लोग आरोपी बनाए गए हैं और 7 गिरफ्तार होना बाकी हैं।

पटवारी को रिमांड पर लिया

^इसचर्चित मामले में हमने अब तक फरार पटवारी को पकड़ लिया है। उसे रिमांड पर लिया गया है। उससे कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। -धीरजकुमार, डीएसपी,झज्जर

यह है पूरा मामला

बादलीरोड पर सुमन विलाज के पीछे 42 कनाल 7 मरले जमीन है। यह मंदिर और जमीन वैश्य समाज के परिवार के पुरखों के नाम है। परिवार अब झज्जर छोड़कर हैलीमंडी गुडग़ांव में बस चुका है। अब 42 कनाल 7 मरले की इस जमीन का इंतकाल 113 साल पहले हुआ था। इंतकाल को दुरुस्त कराकर इसे सुरेंद्र हरित उर्फ मुन्ना पंडित के नाम कर दिया गया। बाद में जमीन का जब हुडा ने सेक्टर-8 के लिए अधिग्रहण किया तब मुआवजे की राशि भी मुन्ना पंडित के नाम जारी हुई। इसका दो करोड़ रुपए से ज्यादा का मुआवजा भी हुडा ने बांट दिया।

सेक्टर-8 के िलए अिधगृहित की गई जमीन िजस पर फर्जी मुआवजा िलया गया।

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