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निजी अस्पताल ने पीजीआई को बताया ‘हत्था’, 4 लाख रुपये का बिल बनाया

5 वर्ष पहले
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मेडिकल मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में शनिवार सुबह झज्जर जिले के पेलपा गांव निवासी लोगों ने मरीज की मौत होने पर हंगामा किया। अस्पताल में 12 दिन से उपचाराधीन मरीज प्रमोद की मौत होने पर उसके भाई मनोज पांचाल का आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज में लापरवाही की है। तबियत बिगड़ती देख परिजनों ने कई बार मरीज को पीजीआई ले जाने का कहा, लेकिन डॉक्टरों ने पीजीआई को हत्था बताते हुए कहा कि वहां सुनवाई होगी और ही मरीज का इलाज। डॉक्टरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए परिजनों ने पांच घंटे बाद शव का पोस्टमार्टम करवाया। मौके पर पीजीआई थाना पुलिस पहुंची, लेकिन बाद में कार्रवाई के लिए झज्जर पुलिस को बुलाया गया। अस्पताल के निदेशक ने बताया कि प्रमोद के उपचार में लापरवाही नहीं बरती गई है। उसकी मौत के बाद परिजनों को करीब ढाई लाख रुपए का बिल दिया था, जिसे भरने में आनाकानी करते हुए उन्होंने हंगामा किया। हालांकि बाद में परिजनों ने लिखित में समझौता कर लिया। इस पर मृतक के भाई मनोज पांचाल ने साफ इनकार करते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है। 31 जनवरी की रात याकूबपुर जाते वक्त पेलपा गांव निवासी प्रमोद की कार गुड़गांव के नजदीक सोंदी में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। झज्जर अस्पताल से रेफर होने के बाद परिजनों ने उसे 1 फरवरी को मेडिकल मोड़ स्थित निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। आरोप है कि उन्हें ठीक होने का झूठा आश्वासन दिया जाता रहा और 4 लाख से ज्यादा का बिल थमा दिया। इलाज में लापरवाही की वजह से शनिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे प्रमोद ने अंतिम सांस ली।

रोहतक. निजीअस्पताल में बैठे हुए मृतक प्रमोद के परिजन घटना के बारे में बताते हुए।

पांच घंटे तक नहीं उठाया शव

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