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मैं ठीक हूं, पानी कम हुआ है, जल्दी ही घर आउंगा
मैंठीक हूं। बाढ़ का पानी कम हुआ है। मैं जल्द ही वापस आउंगा। अब मेरी चिंता मत करो। एएसआई तेजराम सिंह कटारिया ने अपनी प|ी को फोन पर जब ये चार शब्द कहे तब समूचे परिवार की सात दिन की चिंता एक पल में दूर हो गई।
आर्य नगर निवासी तेजराम का परिवार जम्मू-कश्मीर की बाढ़ में फंसे तेजराम को लेकर बहुत ही चिंता में था। 10 सितंबर के बाद से परिवार का तेजराम से कोई संपर्क नहीं हुआ था। चिंताग्रस्त परिवार के मन में तरह-तरह के ख्याल भी हे थे। 50 वर्षीय तेजराम की एक फोन कॉल आने पर प|ी ओमपति ने कहा कि अब जाकर उन्हें उनके बच्चों की जान में जान आई है।
दोवर्ष से हंै जम्मू-कश्मीर में तैनात
बतादें कि शहर के आर्य नगर निवासी तेजराम सिंह बीते दो साल से जम्मू-कश्मीर में बतौर सीआरपीएफ के एसआई के रूप में तैनात हैं। पांच सितंबर को जब समूचे देश भर में जम्मू-कश्मीर की बाढ़ के विकराल होने की खबर आग की तरह फैली तब आर्य नगर निवासी इस सैनिक का परिवार भी चिंता में डूब गया।
हालांकि परिवार की चिंता पांच दिन बाद तब कम हुई जब 10 सितंबर को तेजराम का फोन आया। उन्होंने कहा कि वे सरकारी इमारत की तीसरी मंजिल पर हैं। चारों तरफ पानी ही पानी है। बिजली नहीं है। पर्याप्त भोजन भी नहीं है। इसके बाद से कोई संपर्क तेजराम उनके परिवार वालों का नहीं हुआ। पहले से ही बीमार चल रहे तेजराम के स्वास्थ्य को लेकर परिजनों की चिंता और बढ़ गई। सात दिन से परिवार इस कोशिश में था कि सेना ही आखिर उनकी खैरियत के बारे में सूचना दे, लेकिन कोई सूचना नहीं आई। ओमपति ने बताया कि बुधवार सुबह 4 बजे जब पति का फोन आया तो लगा जीवन में छाया अंधकार दूर हुआ है। गुरुवार सुबह 11 बजे भी तेजराम का फोन आया और अपने स्वस्थ होने के साथ-साथ परिवार को भी धैर्य रखने की दिलासा दी। ओमपति बोली कि अब पति के घर आने की सभी को बेसब्री से इंतजार है।
ओमपति।