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छात्राओं की फोटो वॉट्सएप पर वायरल, स्कूल में हंगामा
छपारगांव की बेटियों के फोटो वॉट्सएप पर वायरल होने पर गांव के लोगों ने सोमवार सुबह स्कूल में आकर जमकर हंगामा किया। साथ ही उनके हाथ जो भी सामान आया उसे तोड़ दिया। लिहाजा स्कूल प्रबंधन ने आनन-फानन में सभी बच्चों की छुट्टी कर दी। स्कूल कैंपस में यह हंगामा लगभग डेढ़ घंटे तक चला। मामले की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है।
हुआ यूं कि छपार गांव की लाडली एक छात्रा ने दिल्ली में 26 जनवरी की गणतंत्र समारोह की परेड में महिला नेवी कर्मचारियों-अधिकारियों की परेड को कमांड किया था। मनीषा गांव के इसी निजी स्कूल की विद्यार्थी रही है। लिहाजा 27 जनवरी को स्कूल प्रबंधन ने छात्रा को स्कूल बुलाया और अन्य बच्चों से मिलवाकर छात्रा से प्रेरणा लेने की बात कही।
इस मौके पर स्कूल प्रिंसिपल ने एक ग्रुप फोटो भी छात्रा के साथ अन्य बच्चों का कराया। यह फोटो प्रिंसिपल ने अपने वॉट्सएप फ्रेंड्स ग्रुप में पोस्ट किया जो वायरल हो गया। छपार समेत आसपास के गांव के कई लोगों ने जब अपने गांव की लड़कियों के फोटो देखे तो गुस्सा गए। सुबह स्कूल लगने के कुछ समय बाद ही ग्रामीण आए और हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रिंसिपल के फोन के अलावा अन्य लोगों के मोबाइल चेक किए, हालांकि किसी के पस गांव की लड़कियों का आपत्तिजनक फोटो नहीं मिला। उधर, ग्रामीण आरोपी प्रिंसिपल को कटघरे में लेने की जिद पर अड़े हुए हैं।
निजी स्कूल के बच्चों ने गांव की बेटियों की उपलब्धि और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा स्वरूप वाॅट्सएप पर छात्राओं का ग्रुप फोटो अपलोड किया था। यह फोटो प्रिंसिपल ने अपने वॉट्सएप फ्रेंड्स ग्रुप को किया था। यहां से वो वायरल होता गांव के अन्य लोगों के मोबाइल पर गया। इसी बात का गुस्सा ग्रामीणों ने दिखाया। ऐसी संभावना है कि इस ग्रुप फोटो के साथ छेड़छाड़ करते हुए कुछ लोगों ने छात्राओं के सिंगल फोटो की कॉपी-पेस्ट करके वायरल कर दी। हालांकि ये किसी ने नहीं देखा, लेकिन इस तरह की बात भी स्कूल में हंगामा कर रहे लोगों ने कही।
झज्जर. आक्रोशितग्रामीण स्कूल पर हंगामा करते हुए।
पुलिस ने आपसी समझौते की दी सलाह
स्कूलमें हुए इस पूरे मामले को समझने के बाद कुलाना पुलिस चौकी के प्रभारी जगदीशचंद्र ने गुस्साए ग्रामीणों को बताया कि प्रिंसिपल ने जो फोटो अपलोड की है वो बच्चियों की उपलब्धि की है। इसमें उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया। ऐसे में पुलिस ने ग्रामीणों की शिकायत पर कोई कार्रवाई करने से पहले दोनों पक्षों को आपस में ही फैसला करने की बात कही है।
^आरोपी शिक्षक के मोबाइल की जांच की गई है। इसमें कोई आपत्तिजनक फोटो नहीं मिला है, फिलहाल जांच की जा रही है। -किरण,जांच अधिकारी, कुलाना चौकी।
नॉलेज: बिना पूछे फोटो पोस्ट करने पर 5 साल की कैद 1 लाख का जुर्माना
कोईभी शख्स किसी का फोटो उसकी मर्जी के बिना किसी भी सोशल साइट पर पोस्ट नहीं कर सकता। इसमें बाकायदा सजा का प्रावधान है। पॉलीटेक्निक कॉलेज में कंप्यूटर साइंस के लेक्चरर वीरेंद्र सहरावत के अनुसार इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2000 के तहत ये साइबर क्राइम में आता है। इस एक्ट के चैप्टर 11 की धारा-67 के तहत कोई भी व्यक्ति किसी का फोटो बिना पूछे सोशल साइट पर वायरल करता है तो उसे 5 साल की कैद और एक लाख रुपए का जुर्माना की सजा हो सकती है। यही नहीं यह अपराध दूसरी बार करने पर दोनों सजा दोगुनी हो जाती हैं। हालांकि साइबर क्राइम की जानकारी होने पर इन दिनों युवा वर्ग लोगों की पर्सनल फोटो भी पोस्ट कर रहा है।
ग्रामीणों का आरोप छात्राओं के सिंगल फोटो हुए अपलोड
गांवके कुछ ग्रामीणों ने कहा कि ग्रुप फोटो के अलावा स्कूल प्रिंसिपल ने स्कूल की कुछ छात्राओं के अकेले के फोटो भी वाॅट्सएप पर डाउनलोड किए हैं। हालांकि ऐसे कोई फोटो पुलिस को किसी के मोबाइल पर नहीं मिले ही किसी ने दिखाए।