दो साल पहले ही मुकर्रर कर दिया दिन
पीजीआई अधिकारी बोले, माइग्रेन से पीड़ित थी, परिजनों के पास इलाज की पर्ची भी
महिला आयोग का अजीबो-गरीब फरमान, इस दिशा में भी जांच करे पुलिस
भास्करन्यूज|रोहतक
पीजीआईहॉस्टल में एमएलटी छात्रा प्रिया के सुसाइड मामले में शनिवार को उस वक्त नया मोड़ आया, जब महिला आयोग की टीम मामले का संज्ञान लेने पीजीआई अधिकारियों के पास पहुंचीं। यूं तो पुलिस कॉल डिटेल जांच के आधार पर आत्महत्या का कारण पता लगाने में असमर्थ दिखी तो अधिकारियों ने माइग्रेन से पीड़ित होने के कारण प्रिया द्वारा यह कदम उठाने की बात कही, लेकिन इसी बीच टीम के सामने पहुंचे छात्रा के भाई ने अजीबो-गरीब कहानी बताई, जिसे सुन निदेशक ऑफिस में सन्नाटा पसर गया। अंधविश्वास हो या कुछ और, लेकिन नया मोड़ आने के बाद अब सुसाइड केस सुलझाने के लिए शायद पुलिस को तांत्रिकों की चौखट पर माथा टेकना होगा।
दोसाल पुरानी कहानी बताई
झज्जरके देशवाल कॉलोनी निवासी प्रिया से जुड़ी दो साल पुरानी दास्तां सुनाते हुए उसके भाई ने बताया कि प्रिया का लक्ष्य एमबीबीएस डॉक्टर बनना था। दो साल पहले उसने दिल्ली में कोचिंग शुरू की। प्रिया की रूममेट पर कुछ ऊपरी हवा का चक्कर था। यह सुनकर प्रिया ने रूममेट का मजाक बनाते हुए भूत-प्रेत में विश्वास करने की बात कही। भाई ने बताया कि उसके बाद जो परेशानी रूममेट को थी, वह प्रिया को हो गई। तांत्रिक-पंडित आदि से काफी इलाज कराया, तब जाकर कुछ हालत ठीक हुई।
नाखूनसे दीवार पर लिखा था 5 फरवरी : प्रियाके भाई ने बताया कि दो साल पहले प्रिया ने अजीबो-गरीब व्यवहार शुरू कर दिया। उसने अपने नाखून से दीवार पर 5 फरवरी लिखते हुए बड़बड़ाया कि तूने मेरा मजाक बनाया, इसलिए अब तुझे अंजाम भुगतना पड़ेगा। भाई ने बताया कि प्रिया ने दीवार पर 5 फरवरी लिखा था, लेकिन साल का जिक्र नहीं किया। और जब आत्महत्या की तारीख 5 फरवरी ही थी। उस दिन भी उसने दो साल पहले जैसा ही व्यवहार किया था।
ये था मामला
5फरवरी को पीजीआई के लेबर रुम में भर्ती मौसी से मिलकर वापस एमबीबीएस गर्ल्स हॉस्टल लौटी एमएलटी अंतिम वर्ष की छात्रा प्रिया का शव कमरा नंबर 317 डी में पंखे से लटका मिला। कॉलेज से लंच के लिए कमरे पर आईं प्रिया के रूममेट ने घटना की सूचना वार्डन को दी थी। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम भेजा। इस दौरान परिजनों ने बताया कि झज्जर निवासी प्रिया घटना से करीब 2 घंटे पहले लेबर रूम में भर्ती अपनी मौसी से मिलकर आई थी।
मुझे बातों पर विश्वास, पुलिस करे जांच : आयोग
प्रियाके भाई की बात जैसे ही खत्म हुई महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुमन दहिया बोल पड़ीं कि वह इन बातों पर विश्वास करती हैं। कुछ तो है, जिससे दो साल पुरानी घटना सुसाइड से मेल खा रही है। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया कि वह इस दिशा में भी जांच शुरू करे, ताकि मामले की तह तक पहुंचा जा सके। उधर, आयोग की अध्यक्ष कमलेश पांचाल ने भी पीजीआई थाना एसएचओ को निर्देश दिए कि वह प्रिया की दिल्ली वाली रूममेट से पूछताछ कर जांच नई दिशा में शुरू करे।
पुलिसअसमंजस में
प्रियाके भाई की कहानी और उसके आधार पर महिला आयोग द्वारा दिए निर्देशों को लेकर पुलिस असमंजस में है कि वह करे तो क्या करे? पीजीआई थाना प्रभारी ने बताया कि प्रिया और उसकी हॉस्टल की रूममेट मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकाली गई, जिसमें ऐसा कुछ नहीं मिला जिससे सुसाइड करना पड़े। उन्होंने कहा कि परिजनों ने भी सुसाइड का कारण माइग्रेन बताया, लेकिन आयोग के निर्देशानुसार जांच नई दिशा में शुरू की जाएगी।