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गोहाना के बाद अब छारा की बैंक में चोरी

7 वर्ष पहले
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झज्जर। तीनदिन पहले बुजुर्ग पेंशनर्स से 25 हजार रुपए की लूट होने के बाद भी बस स्टैंड रोड स्थित पीएनबी शाखा का माहौल सुरक्षा के लिहाज जरा भी नहीं बदला नजर नहीं आता। यहां अब भी पेंशनर्स सुरक्षा गार्ड की गैर मौजूदगी में खिड़की से बाहर अपनी रकम लेते हैं और गिनते हुए गेट से बाहर जाते हैं।

दरअसल पीएनबी प्रबंधन ने पेंशनर्स को रकम देने के लिए मुख्य इमारत के गेट के पास अलग से काउंटर बनाया है। ये सड़क के साथ लगते गेट से कुछ ही दूरी पर है अब बाहर से गुजरने वाला कोई भी शातिर बुजुर्ग पर आसानी से नजर रखकर उसकी भूल को नोटिस कर उसके साथ वारदात कर सकता है। तीन दिन पूर्व गिजाड़ौदा के रामकिशन के साथ भी ऐसा ही हुआ। वो खिड़की से रकम लेकर गिन रहा था, तभी किसी शातिर ने उसे वॉच किया और जैसे ही रामकिशन ने जेब में रकम डाली तभी शातिर ने एक झटके में रुपए निकाले और भाग गया। लूट के बाद पुलिस दो दिन तक यहां अलर्ट रही। हालांकि सोमवार को सुरक्षा के लिहाजा से सामान्य दिन की तरह यहां का माहौल नजर आया। बैंक के मुख्य गेट के अलावा बाहरी गेट पर भी कोई सुरक्षा गार्ड नहीं था। हालांकि कुछ-कुछ समय में पुलिस की पेट्रोलिंग जिप्सी जरूर बैंक के साथ से निकल रही थी,लेकिन बैंक की ओर से कोई सुरक्षा नहीं दी गई थी।

पेंशनर्सबोले खिड़की अंदर नहीं, तो बाहर सुरक्षा हो

पीएनबीगेट के पास ही बीते दिनों 25 हजार रुपए की लूट से वाकिफ बैंक में आए बुजुर्ग पेंशनर्स का कहना है कि अगर बैंक प्रबंधन अपनी सहूलियत के लिए बैंक के बाहर खिड़की कर सकता है तो अब उसे खिड़की के पास सुरक्षा गार्ड भी मुहैया कराना चाहिए। सिलानी गांव के रणवीर सिंह ने कहा कि पहले पीएनबी की मुख्य इमारत के अंदर ही बुजुर्ग अपनी पेंशन लेते थे। हालांकि जैसे-तैसे बैंक के कस्टमर बढऩे लगे और भीड़ होने लगी तब पेंशनर्स के लिए गेट के पास अलग से खिड़की बना दी गई। ये सड़क के साथ लगे मुख्य गेट से कुछ ही फुट की दूरी पर है और यहां से कोई भी शातिर बुजुर्गों को वॉच करके उनकी रकम छीन सकता है। गुढ़ा गांव के रणधीर का भी कहना है कि अंदर की इमारत में पेंशन देने वाला बैंक प्रबंधन अकेले आने वाले बुजुर्गों को कड़ी सुरक्षा में पेंशन का वितरण कराए।

गिजाड़ौद के रामकिशन से छीनी गई रकम का अभी कोई सुराग नहीं लग सका है। कैमरे में भी कोई सुराग हाथ नहीं लगे। जहां तक बैंक की सुरक्षा का सवाल