सीसीटीवी फुटेज से धरा गया अपहरणकर्ता
घरमें लगे सीसीटीवी कैमरा की फुटेज, एक मिस कॉल सीआईए की प्लानिंग से पुलिस ने महज एक घंटा 55 मिनट में अपहृत छह साल के मासूम प्रथम को केवल बचा लिया, बल्कि अपहरणकर्ता झज्जर जिले के गांव गुमाना निवासी जितेंद्र को मुठभेड़ के बाद दबोचने में कामयाब रही।
घरके बाहर सड़क पर एक पैर का जूता देख हुआ शक: सेक्टर-4निवासी सरकारी ठेकेदार कपूर सिंह की प|ी सुनीता ने बताया कि उनका बेटा प्रथम एक निजी स्कूल में प्रथम में पढ़ता है। उसे स्कूल बस पौने तीन बजे घर के बाहर छोड़कर जाती है। वह हर रोज की तरह 2 बजकर 46 मिनट पर घर से बाहर निकल कर बस का इंतजार कर रही थी तभी उसकी नजर गेट के सामने पड़े प्रथम के जूते पर गई। उसने पूछताछ की तो पड़ोसी महिला ने बताया कि एक सफेद रंग की कार में एक युवक तेजी से गया है। सुनीता को शक हुआ तो उसने तुरंत पति कपूर सिंह को फोन किया। उन्होंने भी तत्परता दिखाते हुए तत्काल कंट्रोल रूम में सूचना दी।
2बजकर 29 मिनट पर अपहरणकर्ता ने की रैकी
प्रथमके स्कूल से आने से पहले दो बजकर 29 मिनट पर अपहरणकर्ता सैंट्रो कार लेकर पहुंचा। घर के आगे कार खड़ी कर हाथ में किताब ले गेट के अंदर झांकने लगा, ताकि पता लग सके कि घर के अंदर कौन-कौन है। इसके बाद अगली गली में चला गया। उसके बाद की घटना कैमरे में कैद हो सकी।
मांके मोबाइल फोन पर किया मिस कॉल
अपहरणकी सूचना मिलते ही सबसे पहले सीआईए वन की टीम सेक्टर-4 में कपूर सिंह के घर पहुंची। थोड़ी देर बाद सीआईए टू अर्बन एस्टेट थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह भी गए। अभी वे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रहे थे कि प्रथम की मां सुनीता के नंबर पर एक मिस कॉल आई। पुलिस ने सुनीता से कहा कि वह उस नंबर कॉल करे। नंबर एक्टिवेट होते ही साइबर रूम से सूचना मिली कि उक्त नंबर की लोकेश अस्थल बोहर के पास है। डीएसपी अनिल कुमार, डीएसपी यशपाल खटाना, सीआईए वन, स्पेशल स्टाफ, अर्बन एस्टेट थाने की टीमों ने डीआईजी के निर्देश पर अस्थल बोहर को चारों तरफ से घेर लिया, लेकिन सैंट्रो सफेद रंग की कार नहीं मिली।
अपहरणकर्ताने पुलिस को खूब दौड़ाया
अस्थलबोहर जाकर पुलिस परेशान हो गई। इसी बीच साइबर टीम ने दोबारा लोकेशन सेक्टर-4 के नजदीक माडल स्कूल के पास बताई। सीआईए पुलिस को अंदेशा हो गया कि अपहरणकर्ता बाहर भागने की फिराक में है। तुरंत गोहाना दिल्ली रोड पर टोल के पास सीआई