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स्वाइन फ्लू के दो नए केस : एक कंफर्म और एक सस्पेक्टेड मिला
इलाकेमें जानलेवा स्वाइन फ्लू की बीमारी तेजी से फैल रही है। मंगलवार को छोछी गांव में एक और कंफर्म और बुपनिया में संभावित मरीज मिला है। छोछी निवासी नरेंद्र को पीजीआई में वेंटीलेटर पर रखा गया है। नरेंद्र की दिल्ली की ट्रेवल हिस्ट्री भी सामने आई है।
वहीं बुपनिया की युवती काे डॉक्टरों ने कैटेगरी का फ्लू बताया है और सिविल अस्पताल बहादुरगढ़ से इलाज चल रहा है। परिजनों के दबाव देने पर डॉक्टरों ने उसे टेमीफ्लू दी है और ब्लड के सेम्पल लिए हैं। क्योंकि इस युवती का घर अशोक के मकान के नजदीक है। अशोक की सोमवार को स्वाइन फ्लू के चलते मौत हो गई थी।
वहीं पटेल नगर निवासी लीला देवी की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और एक सप्ताह बाद भी इसकी रिपोर्ट नहीं आई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम हाई रिस्क जोन में फ्लू से पीड़ित लोगों की मॉनिटरिंग कर रही है। स्वाइन फ्लू के अब तक 9 केस सामने चुके हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति कंट्रोल में होने की बात कही है। वहीं दिल्ली स्थित लैब से रिपोर्ट नहीं मिलने से स्वास्थ्य विभाग की सांसें भी फूली हुई है।
टॅमीफ्लूका स्टॉक मंगाया
स्वास्थ्यविभाग की ओर से पिछले 15 दिन के भीतर करीब 50 लोगों को टेमीफ्लू दी जा चुकी है। दो दिन पहले स्टॉक के लिए लिखा गया था। मंगलवार को टेमी फ्लू की 200 गोलियों का स्टॉक झज्जर सिविल सर्जन के पास पहुंचा।
घबराएंनहीं
डिस्ट्रिकएपिडिमोलॉजिस्ट नितिन गुप्ता का कहना है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। पूरे इलाके में स्वास्थ्य विभाग की टीम अलर्ट है। हाई रिस्क जोन में सर्वे किया जा चुका है, लेकिन अब यहां कुछ नहीं है। इन जगहों की मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने लोगों सलाह दी है कि लक्षणों को पहचान कर इसकी जांच करानी चाहिए। इसके लक्षणों में नाक का लगातार बहना, छींक आना, नाक जाम होना, मांसपेशियों में दर्द या अकड़न महसूस करना, सिर में भयानक दर्द, कफ, खासी, बहुत ज्यादा थकान महसूस होना, बुखार होना, दवा खाने के बाद भी बुखार का लगातार बढ़ना, गले में खराश होना और इसका लगातार बढ़ते जाना, सांस फूलना तेज चलना खून की उल्टी आना आदि शामिल है। उन्होंने कहा कि साधारण फ्लू में तो सैंपलिंग करवाएं और ही डॉक्टर पर टेमी फ्लू देने के लिए दबाव बनाएं।
आयुर्वेद भी कारगर
आयुर्वेदाचार्यमहेश के मुताबिक स्वाइन फ्लू वायरस से बचाव के लिए 4-5 तुलसी के पत्ते, 5 ग्राम अदरक, चुटकी भर काली मिर्च पाउडर और इतनी ही हल्दी को एक कप पानी या चाय में उबालकर दिन में दो-तीन बार पीएं। इसके अतिरिक्त गिलोय (अमृता) बेल की डंडी को पानी में उबाल या छानकर पीएं। 5-6 पत्ते तुलसी और काली मिर्च के 2-3 दाने पीसकर चाय में डालकर दिन में दो-तीन बार पीएं। आधा चम्मच हल्दी पौना गिलास दूध में उबालकर पिएं। आधा चम्मच हल्दी गरम पानी या शहद में मिलाकर भी लिया जा सकता है। आधा चम्मच आंवला पाउडर को आधा कप पानी में मिलाकर दिन में दो बार पीने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
^स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट है और सारी तैयारियां की हुई है। टेमी फ्लू का नया स्टॉक भी मिल गया है। इसके अलावा सस्पेक्टेड और कंफर्म मरीजों के परिवार वालों और आस पड़ोसियों की मॉनिटरिंग की जा रही है। लोगों को घबराने की नहीं सावधानी बरतने की जरूरत है। डॉ.रमेश धनखड़, सीएमओ
बरतें सावधानी
ट्रामासेंटर के इंसुलेशन सेंटर के इंचार्ज डॉ. बिजेंद्र दलाल ने कहा कि स्वाइन फ्लू के वायरस खांसते या छींकते वक्त मुंह और नाक से निकले द्रव कणों के माध्यम से एक दूसरे तक पहुंचते है। इसलिए अगर परिवार में किसी में स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई दे या फिर उसकी पुष्टि हो जाए, तो उससे कम से कम तीन फीट की दूरी बनाए रखनी चाहिए। जिस मरीज को स्वाइन फ्लू हो, उसे तो छुए और ही उसकी किसी भी चीज का इस्तेमाल करे। इसके घर से बाहर निकलते वक्त किसी अस्पातल में जाने पर मास्क रूमाल से मुंह नाक को ढक कर रखें।