पहली िकश्त के बाद नहीं आई दूसरी किश्त
इंदिरागांधी आवास योजना के तहत मकान बनाने की योजना का लाभ जिले भर के बीपीएल परिवार ने लिया है। हालांकि अब हालात ये हैं कि कुछ जगह किसी किसी कारण से इस योजना की किस्त रुकी तो मकान निर्माण भी ठप हो गया है। ऐसे में कई परिवार बिना छत खिड़की-दरवाजे के ही अपने आशियाने में रहने को मजबूर हैं।
यह दृश्य इन दिनों बहराणा गांव के कुछ परिवारों में देखने को मिल रहा है। गांव की निवासी पूनम प|ी बंटी ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही इंदिरा गांधी आवास योजना के तहत उसने मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता बारे वर्ष 2014 में आवेदन किया था। पूनम के अनुसार आवेदन के बाद उसे वर्ष 2014 में ही अगस्त माह में 25 हजार रुपए की आर्थिक सहायता मकान बनाने को लेकर मिली। मिली राशि के बाद उसने अपने मकान को बनवाने संबंधी सामग्री लाकर दीवारों को खड़ा कर दिया। अब दूसरी किस्त मिलने की वजह से उसका मकान निर्माण अधर में लटका है।
हालात ये है कि उन्होंने किसी से ब्याज से पैसा लेकर महज एक कमरे की दीवारों पर छत डलवाई है, जबकि पूरा मकान खुला है। ही दीवारों पर लिपाई हो सकी और ही बरामदों कमरों पर छत है। पीडि़ता का कहना है उसके साथ आवेदन करने वाले अन्य ग्रामीणों के मकान बन चुके हैं सभी की किस्त चुकी है लेकिन पूनम, गीता, पुष्पा के अलावा कई ऐसे लोग हैं जिनकी किस्तों में देर हो रही है।
पूनम के अनुसार वे दूसरी किस्त को लेकर संबंधित कार्यालय के कई बार चक्कर काट चुकी है लेकिन उसे आश्वासनों के सिवाय कुछ हासिल नहीं हुआ। अपनी समस्या की बाबत डीसी कार्यालय में भी उन्होंने अपनी शिकायत दी है। हालांकि उन्होंने भी कंप्यूटर खराबी की बात कहकर टरका दिया। पूनम ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि उन्हें इंदिरा गांधी आवास योजना के तहत दूसरी किस्त शीघ्र उपलब्ध कराई जाए।
^इंदिरा आवास योजना जिले में बहुत बेहतर तरीके से चल रही है। लोग खूब लाभ ले रहे हैं। इक्का-दुक्का केस ही ऐसे होंगे जिनका पैसा बैंक में तो गया है, लेकिन आवेदक के खाते में नहीं आया। ऐसा क्यों है इसकी पड़ताल करा ली जाएगी। -पुष्पेंद्रसिंह चौहान, एडीसी, झज्जर।
झज्जर. इंिदराआवास योजना की िकश्त िमलने से दु:खी बरहाणा के दंपति।