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ग्रांट तो आई पर गांव में पार्क है बिजली के टॉवर

6 वर्ष पहले
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रेवाड़ीखेड़ा के ग्रामीणों ने जिला उपायुक्त को शिकायत देकर गांव के विकास कार्यों में कथित घोटालों में दोषी लोगों पर कार्रवाई करने की गुहार की है।

आरोप है कि गांव में मेरी बगियां के तहत ग्रांट जारी हुई, लेकिन गांव में ऐसी कोई बगियां नही है। श्मशान घाट में दो बिजली के टॉवर होने की बात कहीं गई है, लेकिन मौके पर भी ऐसी कोई बात नहीं है।

लोगोको नहीं मिले प्लॉट

डीसीको की शिकायत में सूबेदार जगबीर सिंह का आरोप है कि उनके गांव में सरकार की ओर से गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवारों के लिए 71 प्लॉट देने स्कीम आई थी। सभी प्लाट गरीब लोगो को अलॉट किए जाने थे, लेकिन ये प्लॉट ऐसे लोगों को दे दिए गए, जिनके पास पहले से ही बेहतर स्थिति में मकान है। इनका कहना है कि गांव में मनरेगा स्कीम के तहत 100 लोगों को रोजगार देने की योजना थी। इसमें ऐसे लोगों के नाम शामिल किए गए, जिन्होंने काम ही नहीं किया। जबकि उनके नाम से मजबूरी दिखा दी गई।

इसतरह की कई शिकायतें हुड्‌डा सरकार में की गई थी : जगबीर

गांवमें मेरी बगियां मेरा गांव के तहत ग्रांट जारी हुई, लेकिन ऐसे कोई बगियां गांव में नही है। आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी में श्मशान भूमि में दो टॉवर की बात कहीं गई है, लेकिन वहां पर ऐसा कुछ नहीं है।

मामले में शिकायतकर्ता रहे जगबीर का कहना है कि इस तरह की कई शिकायतें पूर्व की हुड्डा सरकार के दौरान भी की गई, लेकिन उनपर अफसरों ने कोई कार्रवाई नही की। जगबीर ने डीसी अंशज सिंह से इन सभी मामलों पर गौर करते हुए दोषी पूर्व सरपंचों और अन्य लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गुहार की है।