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50 से ज्यादा मरीज मिले कैटेगिरी से पीड़ित
शहरमें स्वाइन फ्लू का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। गुरुवार को ब्रह्मशक्ति संजीवनी अस्पताल में स्वाइन फ्लू के तीन संदिग्ध मरीज मिले। इनमें से दो मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है और इन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सेंपलिंग करके रिपोर्ट जांच के लिए दिल्ली स्थित लैब में भेज दी है। वहीं एक अन्य पेशेंट की हालत स्थिर बनी हुई है।
अब तक स्वाइन फ्लू के 12 पेशेंट सामने चुके हैं, जिनमें से चार को कंफर्म स्वाइन फ्लू पाया गया है। वहीं, दिल्ली स्थित नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) ने प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग से कड़े शब्दों में कहा है कि वे कैटेगरी के पेशेंट के सेम्पल भेजे, इससे लैब पर अनावश्यक सैंपलों का दबाव बन गया है। स्वाइन फ्लू कंट्रोल रूम के मुताबिक ओपीडी में जांच कराने पहुंचे मरीजों में करीब 50 से ज्यादा मरीज स्वाइन फ्लू की कैटेगरी के मिले हैं।
जिस पर स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू के सी कैटेगरी के गंभीर मरीजों को ही अस्पताल में भर्ती करने के मौखिक निर्देश जारी किए हैं। इसके चलते डॉक्टर्स ने ए, बी और सी कैटेगरी वाले सामान्य मरीजों को भर्ती करना बंद कर दिया है। वहीं नूना माजरा निवासी एक युवक की निगेटिव रिपोर्ट आई है।
ताजा मामले
खरमाण गांव निवासी कुलदीप की ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। साल 2002 में इसका सस्पेक्टेड कैंसर का आपरेशन हो चुका है। 30 वर्षीय कुलदीप के परिवार में किसी और को फ्लू के लक्षण नहीं मिले हैं। सिद्धीपुर गांव निवासी राकेश की भी ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। इसकी हालत भी गंभीर बनी हुई है।
इसमें भी सस्पेक्टेड स्वाइन फ्लू के लक्षण पाएं गए हैं। पहले इसकी हालत खराब थी, लेकिन समय पर ट्रीटमेंट होने से इसके स्वास्थ्य में सुधार हो गया है। इस वजह से वीरेंद्र का सेम्पल नहीं लिया गया।
सर्दीखांसी के 300 मरीज : शहरके सिविल अस्पताल में सर्दी खांसी के 300 से ज्यादा पेशेंट की ओपीडी हो रही है। इनमें से करीब 200 बच्चे हैं, जिन्हें बुखार, खांसी और सर्दी की शिकायत है। स्वाइन फ्लू कंट्रोल रूम के मुताबिक ओपीडी में जांच कराने पहुंचे मरीजों में करीब 50 से ज्यादा मरीज स्वाइन फ्लू की कैटेगरी के मिले हैं। इन मरीजों को सामान्य सर्दी-खांसी की दवा देकर, घर में परिजनों से दूरी बनाकर रहने की सलाह दी गई है।
टैमीफ्लू की सप्लाई मिली
जिलेमें स्वाइन फ्लू के मरीजों का इलाज करने के लिए टैमी फ्लू की 200 टेबलेट की सप्लाई मिल चुकी है। जरूरत पड़ने पर दवा और मंगा ली जाएगी। इसके अलावा पीपी किट और 250 एन-95 मास्क की सप्लाई आई है। इन्हें सिविल अस्पताल झज्जर और ट्रामा सेंटर बहादुरगढ़ के स्पेशल इंसुलेशन वार्ड में रखा गया है।
येहैं हाई रिस्क जोन, रहे अलर्ट
शहरके मॉडल टाउन, पटेल नगर बुपनिया, छोछी, हसनपुर, नूना माजरा, सिद्धीपुर, खरमाण आदि को हाई रिस्क जोन में शामिल किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम इन जगहों पर लगातार मॉनिटरिंग कर रही है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
बेवजह कराएं टेस्ट
डिस्ट्रिकएपेडेमियोलॉजिस्ट नितिन गुप्ता ने बताया कि साधारण फ्लू के लक्षणों में डॉक्टर की सलाह तो लें, लेकिन जांच कराने की जरूरत नहीं है। बुखार जब बहुत ज्यादा हो और साथ में खांसी या सीने में दर्द हो तभी इलाज कराएं। आम लोगों और स्कूली छात्रों को यह जानकारी नहीं है कि गलत तरीके से खांसने पर फ्लू हो सकता है। इसलिए सावधानी बरतनी होगी। हम खुद को थोड़ा जागरूक कर लें तो शायद इससे बच सकते हैं।
बिना वजह के किसी मरीज को टैमीफ्लू दी जाएं
^सभीअस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कैटेगरी के मरीजों का सेम्पल लें। बी और सी कैटेगरी के भी सिर्फ उन्हीं मरीजों की सेंपलिंग की जाएं जिनकी तबियत ज्यादा खराब है। इसके अलावा बिना वजह से के किसी मरीज को टैमीफ्लू दी जाएं। डॉ.रमेश धनखड़, सीएमओ।
सावधानी रखना बेहद जरूरी है
^हरबार सर्दी-खांसी स्वाइन फ़्लू का संकेत नहीं देती, फिर भी सर्दी-खांसी होने पर अतिरिक्त सावधानी रखना बेहद ज़रूरी है। क्योंकि उसके साथ यदि सांस लेने में तकलीफ होने लगे या तेज बुखार जाए तो तुरंत किसी अस्पताल में जाकर जांच कराना चाहिए, क्योंकि ज़्यादातर मामलों में ऐसी स्थिति स्वाइन फ़्लू का संकेत देती है और इसका का इलाज जितनी जल्दी शुरू किया जाए इससे बचने की संभावनाएं उतनी ज़्यादा बढ़ जाती हैं। ऐसी स्थिति में आराम करने के साथ पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए, ताकि डी-हाइड्रेशन ना हो। वर्ना मर्ज बढ़ सकता है। डॉ.मनीष शर्मा, डायरेक्टर सिगनेस मैगनेस।
बहादुरगढ़. स्वाइनफ्लू की जांच करने पहुंची स्वास्थ विभाग की टीम।
बहादुरगढ़. स्वाइनफ्लू की जांच करने पीपी किट पहने डॉक्टर।