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िकसी की फाइल सरकाने तो कहीं पेमेंट बढ़वाने के लिए ली रिश्वत

7 वर्ष पहले
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रिश्वत के तीन अन्य मामले जो सामने आए

रोडवेजमहकमे में किसी का तबादला करना है, रुकवाना है या एसीपी की फाइल आगे बढ़ाना है, तो इसके लिए बिना रिश्वत के काम नहीं चलता। इस तरह का संगीन आरोप और किसी ने नहीं, बल्कि महकमे के ही कर्मचारियों ने लगाए हैं। इस मामले में एक क्लर्क को कटघरे में खड़ा किया गया है, जो अब झज्जर में नहीं है। उसका तबादला कुछ समय पहले हो चुका है।

रिश्वत लेने वाले क्लर्क का मामला झज्जर के इंटक आफिस में भी छाया रहा। अब देखना यह है कि कर्मचारी यूनियन अपने ही कर्मचारी पर स्टाफ पर क्या रुख लेती है। हुआ यूं कि रोडवेज के चालक संख्या 124 ओमप्रकाश ने जीएम आफिस में चले रिश्वत के खेल को उजागर किया। ओमप्रकाश ने स्वीकारा कि उसने अपनी एसीपी की फाइल पर साइन करने के लिए क्लर्क को अपने एक अन्य चालक साथी चालक संख्या 52 ओमवीर के मार्फत बस स्टैंड के बालाजी मंदिर में ही पांच हजार रुपए दिए।

ये बात करीब आठ माह पहले की है। अब जब ओमप्रकाश का काम नहीं हुआ और इस बीच क्लर्क का तबादला हुआ, तब ओमप्रकाश ने अपने पैसे वापस मांगे, जो नहीं मिले। इस बात पर ओमप्रकाश ने बुधवार को वर्कशाप और इंटक कार्यालय में हंगामा कर क्लर्क की करतूत सबके सामने लाकर शोर मचाया। चालक ने जब क्लर्क की पोल खोली तब रिश्वत के अन्य मामले भी प्याज के छिलके के तरह उतरने लगे। इस मामले में ओमप्रकाश ने इंटक कर्मचारी यूनियन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष जयवीर कादियान को इसकी सूचना देकर न्याय दिलाने की गुहार लगाई।

मैं मुकेश गुर्जर। मेरा तबादला वापस झज्जर कराने के एवज में क्लर्क ने रिश्वत मांगी। चूंकि मैंने मना कर दिया तब मेरा काम अटकाया गया। रिश्वत मांगने वाले क्लर्क को रंगे हाथ पकड़ने वाले के लिए मैंने विजिलेंस को सूचना दी, लेकिन पकड़े जाने से वो बच गया। बाद में मैंने लिखित सूचना विजिलेंस से की। इस मामले की जांच अब भी चल रही है।

मेरा नाम महेंद्र है। रोडवेज में चालक संख्या तब 87 था। यह बात 6 माह पुरानी है। मेरी भी एसीपी की फाइल क्लर्क के पास थी। उसने फाइल पर साइन कर उसके आगे बढ़ाने के एवज में 10 हजार रुपए मांगे, लेकिन मैंने 9 हजार रुपए दिए। हालांकि फिर भी काम में टालमटोली होने पर मैंने कर्मचारी यूनियन में शिकायत की। इसके बाद मामला बढ़ा। समझौता हुआ और मेरे 9 हजार रुपए क्लर्क ने वापस कर दिए। इसके बाद मेरी फाइल दबाव