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सरसों : इस बार बढ़ेगा रकबा, बीज पर सब्सिडी भी बढ़ाई

7 वर्ष पहले
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मानसूनकी देरी से हुई बारिश बेशक अन्य फसलों के लिए फायदेमंद साबित हुई हो, लेकिन यह सरसों की फसल के लिए काफी कारगर साबित होने वाली है। बारिश के कारण बारानी क्षेत्र के खेतों में पूरी नमी की मात्रा है।

इसके कारण किसान समय पर फसल की बिजाई कर सकेंगे। इससे फसल का जहां ठीक से जमाव हो सकेगा वहीं अच्छा उत्पादन निकलने की भी उम्मीद बंधी है।

विशेष बात यह है कि जिले में इस बार पिछले साल की तुलना में सरसों के क्षेत्र में बढ़ोतरी होगी, क्योंकि सूखे की मार के चलते काफी बारानी क्षेत्र खाली रह गया था। इसमें किसान बाजरा, ग्वार की फसल नहीं उगा पाए थे। इन खेतों में अब सरसों की खेती किसानों को फायदा पहुंचा सकती है।

करीबएक हजार हेक्टेयर क्षेत्र बढ़ने की उम्मीद : बतादें कि पिछले साल जिले में सरसों की बिजाई 5 हजार हेक्टयेर क्षेत्र में की गई थी। कृषि विभाग को उम्मीद है कि फसल का क्षेत्र इस बार 6 हजार हेक्टेयर तक बढ़ जाएगा।

सूखे के कारण काफी खेत विशेषकर बारानी क्षेत्र में खाली रह गए थे। किसान अब उनमें सरसों की बिजाई को ही प्राथमिकता देंगे, क्योंकि सबकुछ इस बार फसल की बिजाई के लिए अनुकूल है।

तापमानमें आई गिरावट : कृषिविशेषज्ञों का कहना है कि दिन के तापमान में गिरावट रही है और किसान फसल की बिजाई 1 अक्टूबर से शुरू कर सकते हैं। यदि किसानों को यह लगता है कि दिन में तापमान अधिक है तो वे बिजाई एक-दो दिन लेट कर सकते हैं।

येहैं सरसों की किस्में : सरसोंके बीज की किस्में इन दिनों जो सरकारी बीज बिक्री केंद्र बाजार में आई हुई हैं। उनमें लक्ष्मी, वरुणा, पूसा-25, आरएच-30 समेत कई हाईब्रिड किस्म के बीज शामिल हैं।

18 रुपए प्रति किलो के हिसाब से सब्सिडी मिलेगी

पड़ेसूखे तिलहन की फसलों को बढ़ावा देने के लिए इस बार कृषि विभाग द्वारा सरसों के बीज पर किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी को बढ़ा दिया है। पहले सरसों के विभिन्न किस्मों के सरकारी दुकान से बीज खरीदने पर किसानों को 12 रुपए प्रति किलो की सब्सिडी दी जाती थी, जबकि इस बार यह बढ़ाकर 18 रुपए किलो कर दी गई है। इसी तरह से हाईब्रिड बीजों पर पहले विभाग की ओर से 25 रुपए प्रति किलो के हिसाब से सब्सिडी दी जाती थी, जो अब बढ़ाकर 37 रुपए किलो कर दी गई है।

^इस बार जिले में सरसों के क्षेत्र में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। पड़े सूखे के कारण काफी मात्रा मे