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इस बार कॉटन का पिछला भाव भी नहीं मिल रहा

7 वर्ष पहले
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जींद | पहलेमौसम की मार, फिर बीमारी और अब भाव की मार। कपास की फसल के साथ अबकी बार कुछ ऐसा ही हुआ है। हालात ये हैं कि कपास की फसल का भाव इस बार पिछले साल से ही काफी कम है। किसान फसल को बेचकर खुश होने की बजाय परेशान हो रहे हैं और कपास की खेती उनके लिए घाटे का सौदा बन गई है।

4200रुपए प्रति क्विंटल बिक रही कपास : अनाजमंडी में इन दिनों कपास की आवक शुरू हो गई है, लेकिन यह आवक अपेक्षा से काफी कम है। शुक्रवार को अनाज मंंडी में फसल 4200 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास ही बिकी, जबकि पिछले साल मंडी में कपास की भाव 4600 रुपए प्रति क्विंटल के भाव तक बिकी थी। फसल के कम भाव मिलने से कपास उत्पादक किसान परेशान हैं और वे फसल को बेचकर दुखी हो रहे हैं।

70हजार हेक्टेयर में बीजी गई है फसल : बतादें कि जिले में इस बार 70 हजार हेक्टेयर में कपास की फसल बीजी गई है। मानसून के सक्रिय रहने के कारण पहले फसल को सूखे की मार झेलनी पड़ी और उसके बाद देरी से हुई बारिश फसल पर कहर बन गई। बाद में फसल में आई उखेड़ा बीमारी ने फसल को काफी नुकसान कर दिया। अब रही सही कसर फसल के मंडी में मिल रहे कम भाव निकाल रहे हैं।

जींद. मंडीमें आई कपास की फसल।

कपास में 300 रुपए प्रति क्विंटल गिरावट

उचाना . कपासकी फसल के सीजन की शुरूआत में किसानों को मिल रहे 4530 रुपए प्रति क्विंटल तक के भावों में शनिवार को जबरदस्त गिरावट आई। 300 रुपए प्रति क्विंटल भाव कपास की फसल के कम हुए। 4200 रुपए तक कपास की फसल कपास खरीददारों ने खरीदी। भाव में एकाएक आई गिरावट से किसानों के चेहरों पर भी मायूसी दिखाई दी। अब तक मार्केट कमेटी कार्यालय में दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार 600 क्विंटल कपास पहुंच चुकी है। 4500 रुपए तक भाव पहुंचने से किसानों को भाव जल्द पांच हजार रुपए तक पहुंचने की उम्मीद होने लगी थी। भाव में मंदा आने के चलते किसानों को भाव अच्छे आने वाले दिनों में मिलेंगे या नहीं इसको लेकर चिंता सताने लगी है। सूरता, भरता, प्रकाश, सत्ता ने कहा कि अब की बार कपास की फसल का पैदावार किसानों की उम्मीद से कम हुई है। इस बार भाव अच्छे मिलने की उम्मीद सीजन की शुरूआत में 4500 रुपए तक के भाव मिलने से हुई थी। शनिवार को भाव में 300 रुपए प्रति क्विंटल तक का मंदा आने से अब भाव को लेकर फिर से चिंता सताने लगी है। इस बार पांच हजार के भाव भी किसानों को मिलते है तो कि