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लक्ष्य को आगे रखना ही जीवन जीने की श्रेष्ठ कला : आचार्य पवन

7 वर्ष पहले
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मातावैष्णवी धाम में गत एक मास से चला रहा कार्तिक महोत्सव गुरुवार कार्तिक पूर्णिमा पर संपन्न हो गया। इसी के साथ प्रभात फेरियों का समापन भी हो गया। धाम के मैनेजिंग ट्रस्टी आचार्य पवन शर्मा ने कहा कि जिस प्रकार गंगा की एक बूंद समुद्र के खारे जल को पवित्र कर देने के लिए पर्याप्त है। उसी प्रकार पुण्य की एक बूंद ही काफी है पापों के सागर को सोख लेने के लिए।

आचार्य ने कहा कि भगवान के समक्ष ढेर सारे मंत्रों का जप करने की जरूरत नहीं है। श्रद्धा से किया गया एक जाप ही सारे पाप नष्ट करने के लिए काफी है। प्रभु भजन के लिए अनुकूल समय की प्रतीक्षा मत करो। हर क्षण प्रभु का सिमरण करने के लिए अनुकूल है। इस अवसर पर सत्संग में महिलाओं ने भावपूर्ण नृत्य गायन के द्वारा अपने ठाकुर को खूब रिझाया।

इस अवसर पर आयोजित विष्णु महायज्ञ में सुरेश गर्ग लोन वाले ने पूर्णाहुति डाली। इस मौके पर हरबंस रल्हन, सोमनाथ लखीना, श्याम लाल छाबड़ा, देवेन्द्र शर्मा, हरीश गिरधर, हरवंश मंगला, गिरधर, सचिन अग्रवाल, सतीश लखीना, रोहित आहुजा, राज बतरा मौजूद रहेेे।

जींद. कार्तिकमास के समापन पर यज्ञ करते पंडित आचार्य पवन