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नगर परिषद के 26 पार्क, हरियाली और साफ-सफाई
पार्कों को जल्द सुधारा जाएगा
अंग्रेजी गुलाब नहीं फैला पाएं अपनी महक
शहरवासियोंको हरियाली प्रदान कर सुविधाएं देने के नाम पर बनाए गए पार्कों की प्रशासन की उपेक्षा के कारण बदहाल स्थिति बनी है। बार-बार प्रशासन से गुहार लगाने के बावजूद पार्कों की दशा नहीं सुधर पाई है। पार्क उठने-बैठने के लिए नहीं, बल्कि लोगों द्वारा कचरा डालने की जगह बनकर रह गए हैं। ये हालात नगर परिषद परिधि में आने वाले पार्कों के ही नहीं, बल्कि हुडा की पॉश काॅलोनियों के पार्क के भी हैं।
नगर परिषद की परिधि में आने वाले शहर के 26 पार्कों की देखरेख का जिम्मा परिषद प्रशासन का है। मगर पार्कों की सही मेंटेनेंस नहीं हो पा रही। परिषद के पास पार्कों को संभालने के लिए पर्याप्त मात्रा में माली तक भी नहीं हैं। ऐसे में शहरवासियों को पार्कों की पूरी सुविधा नहीं मिल रही है। हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी में तो पार्कों का बुरा हाल है। यहां पर कई पार्कों की चारदीवारी ग्रिल भी टूटी पड़ी हैं। इसी प्रकार स्कीम नंबर 19, स्कीम नंबर पांच छह में पार्कों की दशा काफी खराब है। शहर के कई पार्कों में गंदगी के ढेर लगे हैं और आवारा पशु विचरते रहते हैं। गोहाना रोड के साथ लगते ग्रीन बेल्ट पार्क भी अपनी हरियाली खोने के कगार पर है। नगर परिषद के ईओ वीपी सांगवान ने कहा कि जल्द ही परिषद द्वारा शहर के पार्कों को चकाचक किया जाएगा। इसके लिए बजट की व्यवस्था तैयार कर जल्द कार्रवाई शुरू की जाएगी।
हुडा काॅलोनियों के पार्क भी खस्ताहाल
हुडाकाॅलोनियों में पार्कों की स्थिति खस्ताहाल है। अर्बन के बी ब्लाॅक, डिफेंस काॅलोनी, सेक्टर 8, 9, 11 में बने कई पार्क बैठने लायक नहीं हैं। करीब दो दर्जन पार्कों में से आधे पार्कों की दशा खराब है। डीसी काॅलोनी के आगे बनाए गए पार्क भी अपनी दुर्दशा के शिकार हैं। हालांकि अब नए डीसी ने इन पार्कों में साफ-सफाई करानी शुरू कर दी है।
करीब दो साल पहले प्रशासन द्वारा डीसी काॅलोनी के पास रेडक्राॅस भवन के सामने वाले पार्क पर लाखों रुपए खर्च कर इसे चकाचक बनाने का प्रयास किया गया था। बाहर से अंग्रेजी गुलाब की वैरायटी महंगे दामों पर खरीदकर प्रशासन ने इस पार्क को रेडरोज पार्क बनाने का सपना संजोया था। एक बारगी तो पार्क में खूब गुलाब खिले, लेकिन बिना देखरेख के अगले सीजन में फूलों के ये पौधे खिलने की बजाय महज झाड़ीनुमा बनकर रह गए