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तीन फाटक : 8 घंटे में रहते हैं 5 घंटे बंद
रेलवे ओवरब्रिज की सख्त जरूरत
जाम से ऐसे बचें
दफ्तर-स्कूल के समय फाटक बंद
शहरमें दिन-प्रतिदिन बढ़ रही जाम की समस्या के लिए जहां वाहनों की हर रोज बढ़ रही संख्या जिम्मेदार है। वहीं इसमें रेलवे फाटकों का भी अहम योगदान है। ट्रेनों के आवागमन से दिनभर फाटकों के बंद रहने के कारण शहर के तीन व्यस्ततम मार्ग हर रोज पांच घंटे बंद रहते हैं। रात के हालात तो इससे भी बुरे हो जाते हैं।
रेलवे फाटकों के बंद रहने से इन मार्गो पर सैकड़ों वाहन फंस जाते हैं और लंबा जाम लग जाता है। कई बार तो स्थिति यह होती है कि जाम खुलने से पहले ही फाटक फिर से बंद हो जाती है। इसके कारण हर रोज हजारों लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ता है।
दिल्ली-फिरोजपुर रेलवे लाइन पर अप की गाड़ी के बिशनपुरा रेलवे स्टेशन से निकलते ही और डाउन की गाड़ी के जंक्शन रेलवे स्टेशन से चलते ही एक ही समय में शहर के तीन मार्ग बंद हो जाते हैं। बंद होने वाले मार्गों में शहर का व्यस्ततम मार्ग हांसी रोड, भिवानी रोड, रोहतक-भिवानी रोड बाईपास शामिल हैं। तीनों मार्गों के बंद होने का यह सिलसिला दिन में एक बार नहीं 30 बार चलता है।
दिल्ली फिरोजपुर रेलवे लाइन के 110ए के गेटमैन राजबीर सिंह बताते हैं कि सुबह आठ बजे से लेकर शाम चार बजे तक यहां अप-डाउन की औसतन 30 ट्रेनें गुजरती हैं। इस दौरान एक साथ तीनों मार्गों पर पड़ने वाले रेलवे फाटक बंद हो जाते हैं। एक गाड़ी के गुजरते समय कम से कम 10 मिनिट तक रेलवे फाटक बंद रहता है। निष्कर्ष यह है कि दिनभर में कम से कम पांच घंटे तीनों मार्ग बंद होते ही हैं।
जाम की जगह का कराएंगे निरीक्षण
रेलवेफाटकों के बंद होने के कारण जिन मार्गों पर जाम लगता है। वहां का निरीक्षण कर जांच की जाएगी कि दिनभर में कितने वाहन गुजरते हैं। यदि वाहनों की संख्या ज्यादा है। जाम लंबे समय तक लगता है तो वहां पर आरओबी निर्माण के लिए सरकार को प्रपोजल बनाकर भेजा जाएगा।
-अजित बालाजी जोशी, डीसीजींद।
शहर के तीनों मार्गों के रेलवे फाटक 109ए,110ए 111ए सबसे ज्यादा सुबह के समय ही बंद रहते हैं। क्योंकि इस दौरान अप डाउन की कई ट्रेनें यहां से गुजरती हैं। इसी समय स्कूल, काॅलेज, आॅफिस अन्य कामों के लिए घर से निकले लोगों का आवागमन अधिक होता है। रेलवे फाटक के लगातार बंद रहने के कारण विद्यार्थियों, कर्मचारियों से लेकर आमजन को काफी परे