शहीद-ए-आजम को किया याद
44 स्वस्थ लोगों ने किया रक्तदान
अन्नाटीम राजकीय कॉलेज जुलाना की एनएसएस महिला यूनिट की ओर से जुलाना के खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इसमें बीडीपीओ ऑफिस में फैली गंदगी कांग्रेस घास को श्रमदान करके साफ किया। इस अवसर पर 156 लड़के लड़कियों ने रक्तदान के लिए पंजीकरण करवाया।
इसमें से 44 स्वस्थ लोगों का ही रक्त लिया गया रोहतक पीजीआई से आईं डॉ. मीना ने ग्रामीण परिवेश से आए बच्चों को अच्छा स्वास्थ्य रखने के लिए जरूरी बातें बताईं। कार्यक्रम में मंच संचालन जितेंद्र शर्मा ने किया। भारत विकास परिषद के अध्यक्ष गुरदास ने 28वीं बार रक्तदान करने के बाद युवाओं को रक्तदान के प्रति प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि भूतपूर्व सैनिक संघ के जिलाध्यक्ष सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर इंद्र भारद्वाज ने कहा कि आज हम खुले वातावरण में सांस ले रहे है इसका कारण शहीदों का अपने प्राणों की आहुति देना है। अन्ना टीम संयोजक हितेश हिंदुस्तानी साथी मोनू लाठर ने कहा कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह ने देश की खातिर अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया। शहीद-ए-आजम भगत सिंह का आज जन्मदिन है। उनका जन्म 28 सितंबर 1907 को गांव बंगा, जिला लायलपुर में हुआ था। राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता सुभाष ढिगाना ने एनएसएस महिला यूनिट के कार्यों की सराहना की।
उर्मिला शर्मा, प्रदीप कुमार, मोनू लाठर, प्रवीन लाठर, मनदीप, मोहित, मनोज, वीरेंद्र सिहाग, आशिष, मंजीत, राजेंद्र लाठर दीपक मौजूद रहे। वहीं, संत कबीर युवा संगठन रधाना की ओर से रविवार को शहीद भगत सिंह जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर संगठन के प्रधान बलबीर दुग्गल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
इस अवसर पर उन्होंने युवा पीढ़ी को शिक्षित होने नशे से दूर रहने की अपील की। कार्यक्रम में अशोक, महर्षि, बिजेंद्र, श्रवण, गोपाल, अमित विरेंद्र समेत कई पदाधिकारियों ने भाग लिया।
नरवाना | कालवनगांव में शहीद भगत सिंह युवा मंडल की ओर से शहीद भगत सिंह जयंती मनाई और प्रतिमा पर फूल मालाएं पहनाई। प्रतिमा को दूध से स्नान कराकर पूरे गांव में लड्डू बांटे गए। शहीद भगत सिंह युवा मंडल के प्रधान सुरेश सोनी ने कहा कि हर वर्ष बड़ी धूमधाम से यह जयंती मनाई जाती है। उन्होंने बताया कि भगत सिंह राज गुरू सुखदेव को फांसी की सजा 24 मार्च 1931 को होने थी मगर लाहौर की जनता को फांसी की ख