बीएससी अनिवार्य करने के विरोध में दुकानदारों का प्रदर्शन
दुकानदारों ने कहा-योग्यता कानून लागू होने पर लाखों परिवार होंगे प्रभावित और कारोबार करना पड़ेगा बंद
उचाना में भी खाद विक्रेताओं ने बंद रखी अपनी दुकानें
जाट आरक्षण को लेकर दूसरे दिन भी जारी रहा धरना
केंद्रसरकार द्वारा पांच नवंबर 2015 को जारी नोटिफिकेशन पेस्टीसाइड के लिए बीएससी एग्रीकल्चर पास योग्यता अनिवार्य किए जाने के फैसले के विरोध में मंगलवार को कीटनाशक, बीज, खाद विक्रेताओं ने अपनी-अपनी दुकानें बंद रखी। बाद में शहर में पैदल मार्च निकालकर रोष जताया और लघु सचिवालय पहुंचकर डीसी को ज्ञापन भेजा।
सीड्स पेस्टीसाइड एंड फर्टिलाइजर डीलर एसोसिएशन के आह्वान पर सुबह ही खाद बीज पेस्टीसाइड विक्रेता पुरानी अनाज मंडी में एकत्र हुए। जिला प्रधान पवन गर्ग के नेतृत्व में दुकानदारों ने अनाज मंडी से लेकर गोहाना रोड होते हुए लघु सचिवालय तक पैदल मार्च निकाला। राज्य उप प्रधान सुरेंद्र गर्ग जिला प्रधान पवन गर्ग ने कहा कि जिला स्तर पर डीसी के माध्यम से पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर इस कानून को लागू नहीं किए जाने की मांग की है। यह कानून लागू होता है तो इससे लाखों परिवार प्रभावित हो जाएंगे जिनका पालन-पोषण इससे चल रहा है। यह योग्यता लागू होने पर पुराने लाइसेंस भी इस श्रेणी में होंगे। इससे जो लोग यह कारोबार करते हैं, उनको बंद करना पड़ेगा। दो साल में यह योग्यता हासिल कर पाना संभव भी नहीं है। इस मौके पर संरक्षक रामबिलास मित्तल, प्रदेश उपाध्यक्ष दयानंद सिंघल, राजेंद्र गुप्ता, आजाद शर्मा, अशोक सिंगला नरवाना, जयप्रकाश सफीदों, राजेंद्र शर्मा पिल्लूखेड़ा, चंद्रपाल अलेवा, संदीप तायल जुलाना, सुरेश नरवाल, विनोद गर्ग, श्यामलाल, विपिन, जयभगवान खासा, नंदकिशोर, खजानचंद गर्ग, कृष्ण गर्ग आदि मौजूद रहे।
नरवाना. धरनेपर बैठे आदर्श जाट महासभा के पदाधिकारी। फोटो| भास्कर
जींद. शहरमें पैदल मार्च निकालते पेस्टीसाइड एसोसिएशन के सदस्य। फोटो| भास्कर
उचाना | केंद्रसरकार द्वारा 5 नवंबर 2015 को जारी नोटिफिकेशन पेस्टीसाइड के लिए बीएससी पास योग्यता अनिवार्य किए जाने के फैसले पर कीटनाशक, बीज, खाद विक्रेताओं ने अपनी-अपनी दुकानें बंद रखी। हरियाणा स्टेट सीड्स पेस्टीसाइड एंड फर्टिलाइजर डीलर एसोसिएशन के उप प्रधान सुरेंद्र गर्ग ने कहा कि जिला स्तर पर डीसी के माध्यम से पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर इस कानून को लागू नहीं किए जाने की मांग की है। यह कानून लागू होता है तो इससे लाखों परिवार प्रभावित हो जाएंगे, जिनका पालन-पोषण इससे चल रहा है। यह योग्यता लागू होने पर पुराने लाइसेंस भी इस श्रेणी में होंगे। इससे जो लोग यह कारोबार करते हैं, उनको बंद करना पड़ेगा। दो साल में यह योग्यता हासिल कर पाना संभव भी नहीं है।
नरवाना |अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा ने नरवाना के लघु सचिवालय में आरक्षण को लेकर मंगलवार को भी धरना दिया। दूसरे दिन धरने की अध्यक्षता डाॅ. किताब सिंह श्योकंद ने की। उन्होंने कहा कि जब तब सरकार जाटों को ओबीसी में शामिल नहीं करती। तब तक आदर्श जाट महासभा की लड़ाई जारी रहेगी। सरकार ने जाटों के साथ वादा खिलाफी की है। इसलिए अब जाट सरकार को सबक सिखा कर रहेंगे। चाहे इसके लिए उन्हें कोई भी कुर्बानी क्यों देनी पड़े। आज पूरे जाट समाज में आरक्षण छीनने पर रोष है। अगर सरकार ने समय रहते उनकी यह मांग पूरी नहीं की तो यह रोष एक बड़े संघर्ष में तब्दील हो सकता है। धरने में सुरेश एडवोकेट, महाबीर मोर, लक्ष्मण मिर्धा, राजेन्द्र सहित अन्य जाट नेता मौजूद रहे।